गर्मियों की छुट्टियां खत्म, अब नई उड़ान की बारी!
Daddy’s International School ने ऑनलाइन पढ़ाई से कायम रखी शिक्षा की रफ्तार
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क‚चकिया‚चंदौली।गर्मियों की लंबी छुट्टियां बच्चों के जीवन में खुशियों, मस्ती और नई यादों का खजाना लेकर आती हैं। कोई अपने नाना-नानी के घर गया, किसी ने नए खेल सीखे, तो किसी ने परिवार के साथ यादगार यात्राओं का आनंद लिया। लेकिन अब जब स्कूलों की घंटियां फिर से बजने वाली हैं, तब हर विद्यार्थी के सामने एक नई शुरुआत, नए लक्ष्य और नई उपलब्धियों का अवसर खड़ा है।
इसी बीच चंदौली के शिक्षा जगत में एक ऐसी पहल चर्चा का विषय बनी रही, जिसने यह साबित कर दिया कि यदि सोच सकारात्मक हो और तकनीक का सही उपयोग किया जाए, तो पढ़ाई कभी नहीं रुकती। Daddy’s International School, बिशुनपुरा कांटा ने इस वर्ष गर्मी की छुट्टियों के दौरान Daddy’s EdTech Platform के माध्यम से नियमित ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर विद्यार्थियों को पढ़ाई से लगातार जोड़े रखा।

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छुट्टियां थीं, लेकिन शिक्षा का सफर नहीं रुका
आमतौर पर देखा जाता है कि लंबी छुट्टियों के बाद बच्चे पढ़ाई की लय से बाहर हो जाते हैं। किताबों से दूरी बढ़ जाती है और नया सत्र शुरू होने पर उन्हें दोबारा पढ़ाई की आदत विकसित करने में समय लगता है। यही कारण है कि कई विद्यार्थियों को सत्र के शुरुआती दिनों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
लेकिन Daddy’s International School ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया। विद्यालय द्वारा संचालित ऑनलाइन कक्षाओं ने विद्यार्थियों को न केवल पाठ्यक्रम से जोड़े रखा बल्कि उनकी सीखने की निरंतरता भी बनाए रखी। बच्चे प्रतिदिन अपने शिक्षकों के संपर्क में रहे, नए विषय सीखे और तकनीकी माध्यमों से आधुनिक शिक्षा का अनुभव प्राप्त करते रहे।
मोबाइल बना कक्षा, इंटरनेट बना ज्ञान का सेतु
सबसे खास बात यह रही कि छुट्टियों में अपने गांव, शहर या रिश्तेदारों के यहां गए हुए विद्यार्थी भी पढ़ाई से दूर नहीं हुए। मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप के माध्यम से वे नियमित रूप से ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होते रहे।
इस डिजिटल पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि आज के युग में शिक्षा केवल चार दीवारों तक सीमित नहीं है। यदि विद्यार्थी में सीखने की इच्छा हो और विद्यालय उचित मंच उपलब्ध कराए, तो शिक्षा कहीं भी और कभी भी प्राप्त की जा सकती है।

अभिभावकों ने भी की पहल की सराहना
विद्यालय की इस अभिनव व्यवस्था को अभिभावकों का भी भरपूर समर्थन मिला। अनेक अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन को सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भेजीं और बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं के कारण बच्चों का समय सार्थक गतिविधियों में व्यतीत हुआ।
अभिभावकों का कहना है कि छुट्टियों के दौरान बच्चों की अध्ययन की आदत बनी रही, जिससे वे पढ़ाई से पूरी तरह दूर नहीं हुए। साथ ही बच्चों का स्क्रीन टाइम केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर शिक्षा और ज्ञानवर्धन में भी उपयोग हुआ।

नए सत्र की तैयारी का समय
अब जबकि गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने की ओर हैं, विद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से नए शैक्षणिक सत्र की तैयारी पूरी गंभीरता से करने का आग्रह किया है।
बच्चों को चाहिए कि वे अपना अवकाश गृहकार्य समय से पूरा करें, प्रोजेक्ट एवं असाइनमेंट व्यवस्थित करें और पिछले सत्र के महत्वपूर्ण विषयों का पुनरावलोकन करें। वहीं अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को मानसिक रूप से नए सत्र के लिए तैयार करें ताकि विद्यालय के पहले दिन से ही वे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी पढ़ाई शुरू कर सकें।
छोटे शहर से बड़ा संदेश
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में शिक्षा की निरंतरता सफलता की सबसे बड़ी कुंजी मानी जाती है। Daddy’s International School ने अपनी इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया है कि छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र भी आधुनिक शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में मिसाल कायम कर सकते हैं।
विद्यालय का मानना है कि सीखने की प्रक्रिया कभी रुकनी नहीं चाहिए। गर्मियों की छुट्टियों में संचालित ऑनलाइन कक्षाएं इसी सोच का परिणाम थीं, जिन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
नई ऊर्जा, नए सपने और नई सफलता की ओर
विद्यालय परिवार अब नए शैक्षणिक सत्र के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। उम्मीद की जा रही है कि विद्यार्थी नई ऊर्जा, नए उत्साह और नए संकल्पों के साथ विद्यालय लौटेंगे तथा आने वाले वर्ष में शिक्षा, अनुशासन और सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
गर्मी की छुट्टियां भले ही समाप्त हो रही हों, लेकिन सीखने का सफर अभी जारी है। यही सतत सीखने की भावना आने वाले कल के सफल और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करेगी।
✍️ : डॉ. विनय प्रकाश तिवारी
संस्थापक, Daddy’s International School
बिशुनपुरा कांटा, चंदौली (उ.प्र.)
— खबरी न्यूज
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