डीडीयू नगर, चंदौली। मुगलसराय क्षेत्र में संचालित अवैध कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी पर बुधवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 संस्थानों को सील कर दिया। भवन निर्माण मानकों, मानचित्र स्वीकृति नियमों और सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी के आरोप में की गई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद अन्य कोचिंग संचालकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी बेचैनी देखी गई।
सूत्रों के अनुसार, वाराणसी विकास प्राधिकरण को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि मुगलसराय क्षेत्र में कई कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी बिना आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों के संचालित किए जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर एक विशेष जांच अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई संस्थान ऐसे भवनों में संचालित हो रहे थे जिनके मानचित्र स्वीकृत नहीं थे। इसके अलावा भवनों में अग्निशमन सुरक्षा, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी अभाव पाया गया। छात्रों की संख्या अधिक होने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर मामला मानते हुए प्राधिकरण ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।
पुलिस बल के साथ चला संयुक्त अभियान
वीडीए की प्रवर्तन टीम ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में मुगलसराय के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाया। अधिकारियों ने संस्थानों के दस्तावेजों की जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उन्हें सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई संस्थानों के संचालक आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके।
सील किए गए प्रमुख संस्थानों में टॉपर विजन एकेडमी, राय एकेडमी, स्टार इंस्टीट्यूट, एसएएस लाइब्रेरी, पाठक इकोनॉमिक्स प्वाइंट, अमेरिकन कोचिंग, सीबीएस कोचिंग, कॉमर्स एकेडमी, द मास्टर क्लास एकेडमी, महेंद्रा कोचिंग तथा गुरुद्वारा क्षेत्र स्थित एक अन्य संस्थान शामिल हैं।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
अचानक हुई कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक भी प्रभावित हुए। कई विद्यार्थी रोजाना इन संस्थानों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते थे। संस्थानों के सील होने के बाद छात्रों के सामने पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी संस्थान को नियमों की अनदेखी कर संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकारियों का मानना है कि यदि किसी भवन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता है तो वहां बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर
हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में हुई दुर्घटनाओं के बाद प्रशासनिक एजेंसियां सुरक्षा मानकों को लेकर अधिक सतर्क हो गई हैं। इसी क्रम में मुगलसराय में भी भवनों की वैधता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई।

अधिकारियों ने बताया कि जिन संस्थानों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, स्वीकृत भवन मानचित्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। भविष्य में भी इसी प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे।
नियमों का पालन करने वालों को नहीं होगी परेशानी
वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि कानून का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जो संस्थान आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे, उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। लेकिन नियमों को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
वीडीए अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी जांच अभियान चलाया जाएगा। जिन संस्थानों या प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुगलसराय में हुई इस बड़ी कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती और सुरक्षा मानकों के प्रति गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा है और अन्य संस्थान भी अपने दस्तावेजों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।


















