चकिया, चंदौली। सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमवार को जनपद चंदौली के चकिया स्थित पीएम किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK/KBSK) में PM Pranam Kisan Sangoshthi Chakia का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सहकारिता दिवस, किसान संगोष्ठी, उर्वरक की पाठशाला तथा नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण एक साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रगतिशील किसानों, सहकारी बंधुओं, जनप्रतिनिधियों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर सहकारिता आधारित कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

भारत मंडपम से जुड़े चकिया के किसान
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह का सजीव प्रसारण देखा। लाइव संबोधन में सहकारिता मंत्रालय की पिछले पाँच वर्षों की उपलब्धियों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की रणनीति तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

संबोधनों में यह संदेश दिया गया कि “सहकार से समृद्धि” केवल एक नारा नहीं बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का राष्ट्रीय अभियान है। किसानों से सहकारी संस्थाओं के साथ जुड़कर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान भी किया गया।
किसानों को दी गई आधुनिक खेती और उर्वरक प्रबंधन की जानकारी
PM Pranam Kisan Sangoshthi Chakia के दौरान आयोजित “उर्वरक की पाठशाला” किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कृषि विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों के समन्वित प्रयोग तथा आधुनिक कृषि तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक कपिल देव मौर्य ने किसानों को बताया कि वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग करने से खेती की लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है तथा उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ खेती पर भी जोर दिया।
अमित शाह और भजनलाल शर्मा का संबोधन सुना
संगोष्ठी के दौरान किसानों ने लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संबोधन भी सुना।

अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि सहकारिता आंदोलन किसानों की आर्थिक मजबूती का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने आधुनिक तकनीक, डिजिटल व्यवस्थाओं और सहकारी संस्थाओं को भविष्य की कृषि व्यवस्था का मजबूत आधार बताया।
वहीं भजनलाल शर्मा ने कहा कि सहकारिता केवल एक संस्था नहीं बल्कि ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ है, जो किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव ने किसानों को किया प्रेरित
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद चकिया के चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव ने की। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि किसान सहकारी मॉडल से जुड़कर वैज्ञानिक खेती अपनाएं तो कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बताए कृषि विकास के नए रास्ते
कार्यक्रम में क्रय-विक्रय सहकारी समिति चकिया के अध्यक्ष राजीव पाठक ने कहा कि बदलते समय में सहकारिता किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है।
कृष्णानंद दूबे तथा कृभको संचालक रमेश चंद शुक्ला ने किसानों को सहकारी संस्थाओं की उपलब्धियों, उर्वरक प्रबंधन तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में सहकारिता की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।
100 से अधिक किसानों ने लिया प्रशिक्षण
PM Pranam Kisan Sangoshthi Chakia में 100 से अधिक प्रगतिशील किसानों एवं सहकारी बंधुओं ने भाग लिया। किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर खेती, उर्वरक प्रबंधन, सहकारी योजनाओं और कृषि नवाचार से जुड़े सवालों के जवाब प्राप्त किए।
कृभको (KRIBHCO) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक तकनीकों और सहकारिता आधारित विकास मॉडल से जोड़ना था ताकि खेती को अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
इन अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह, नगर पालिका परिषद चकिया के चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विपिन सिंह, अपर जिला सहकारी अधिकारी अरुण सिंह, क्रय-विक्रय सहकारी समिति चकिया के अध्यक्ष राजीव पाठक, वरिष्ठ समाजसेवी विजय नन्द द्विवेदी, कृभको के वरिष्ठ क्षेत्र अधिकारी आदर्श कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक कपिल देव मौर्य, कृष्णानंद दूबे, रमेश चंद शुक्ला सहित खाखरा, देवतापुर, बटवारा खुर्द, मुजफ्फरपुर, बियासद, बोदरा खुर्द, हिनौती, बठौरा समेत अनेक ग्राम पंचायतों के प्रधान और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
आत्मनिर्भर खेती का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर किसानों एवं सहकारी बंधुओं ने सहकारिता के माध्यम से स्वरोजगार, कृषि नवाचार, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा आत्मनिर्भर खेती को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया। किसानों ने इस आयोजन को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए मांग की कि इस प्रकार की किसान संगोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से आयोजित किए जाएं।
PM Pranam Kisan Sangoshthi Chakia ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सहकारिता, वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से ही किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है।


















