तहसीलदार देवेन्द्र बोले—व्यवस्था सुधारिए… नहीं तो कार्रवाई तय
फाइलों की धूल से लेकर रिकॉर्ड की सुरक्षा तक हर बिंदु पर हुई जांच, कर्मचारियों को सख्त चेतावनी, सरकारी अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया चन्दौली। चकिया तहसील प्रशासन एक बार फिर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के मूड में दिखाई दिया। सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चकिया तहसीलदार देवेन्द्र ने चकबंदी कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों में हलचल मचा दी। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे तहसीलदार ने सीधे रिकॉर्ड रूम (अभिलेख कक्ष) और खतौनी कक्ष का रुख किया, जहां वर्षों से सुरक्षित रखे जाने वाले भूमि अभिलेखों, खतौनियों और राजस्व संबंधी दस्तावेजों की स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान फाइलों के रखरखाव, रिकॉर्ड के वर्गीकरण, अलमारियों की व्यवस्था, अभिलेखों की सुरक्षा, साफ-सफाई और कार्यालय की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा गया। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि भूमि से जुड़े अभिलेख किसी भी नागरिक के अधिकारों का सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं। ऐसे दस्तावेजों की सुरक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही प्रशासन की प्राथमिकताओं के विपरीत है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट और कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि रिकॉर्ड रूम एवं खतौनी कक्ष की व्यवस्था तत्काल सुधारी जाए। फाइलों को क्रमवार सुरक्षित रखा जाए, धूल-मिट्टी से मुक्त वातावरण बनाया जाए और प्रत्येक दस्तावेज आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपलब्ध हो सके, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
तहसीलदार देवेन्द्र ने कहा कि “सरकारी कार्यालय जनता की सेवा के लिए हैं। यदि अभिलेख बिखरे होंगे, फाइलें अव्यवस्थित होंगी और कार्यालय गंदगी से घिरा रहेगा, तो सबसे अधिक परेशानी आम नागरिकों को होगी। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा में रिकॉर्ड रूम, खतौनी कक्ष या फाइलों के रखरखाव में लापरवाही मिली, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण (जहां लागू हो), फाइलों का वैज्ञानिक रखरखाव और समयबद्ध अभिलेख प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने स्वयं रिकॉर्ड रूम में जाकर अभिलेखों की स्थिति देखी, कई फाइलों का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि एक सुव्यवस्थित कार्यालय न केवल प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ाता है, बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत करता है।

राजस्व मामलों के जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के औचक निरीक्षण से सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बढ़ेगा, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और भूमि विवादों के निस्तारण में भी पारदर्शिता आएगी। चकबंदी विभाग से जुड़े हजारों किसानों और भू-स्वामियों के लिए यह संदेश महत्वपूर्ण है कि प्रशासन अब अभिलेखों के रखरखाव को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
खबरी न्यूज़ विश्लेषण:
चकिया तहसील में हाल के दिनों में प्रशासनिक सक्रियता लगातार बढ़ी है। औचक निरीक्षण, जवाबदेही तय करने की पहल और कार्यालयों की कार्यसंस्कृति सुधारने के प्रयास यह संकेत देते हैं कि लापरवाही पर अब सख्त निगरानी रखी जा रही है। यदि ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहे, तो राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और जनसेवा दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

👉 खबरी न्यूज़ की अपील:
क्या आपको भी किसी सरकारी कार्यालय में रिकॉर्ड, फाइलों या जनसेवा से जुड़ी लापरवाही देखने को मिली है? अपनी जानकारी और तस्वीरें Khabari News तक पहुंचाइए। आपकी सूचना बन सकती है बदलाव की शुरुआत।
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