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मनरेगा, राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से गांवों के विकास को मिलेगी रफ्तार, विधायक कैलाश आचार्य ने गुणवत्ता व समयबद्ध कार्यों के दिए निर्देश।
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विधायक कैलाश आचार्य और बीडीओ अनिल कुमार राय ने दिया विकास का भरोसा ।
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फार्मर रजिस्ट्री जल्द कराने की अपील, पंचायत सदस्यों की शिकायतों के त्वरित समाधान का अधिकारियों ने दिया भरोसा ।
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क्षेत्र पंचायत की बैठक में ₹5 करोड़ की 70 विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी, जनप्रतिनिधियों ने उठाए मानदेय और पंचायत सुविधाओं के मुद्दे ।
खबरी न्यूज एडिटर के सी श्रीवास्तव एड०‚ विनय राय
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया, चंदौली। विकासखंड चकिया के सभागार में गुरुवार को आयोजित क्षेत्र पंचायत की बैठक विकास योजनाओं, जनसमस्याओं और ग्रामीण विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मनरेगा, राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त मद के अंतर्गत करीब ₹5 करोड़ की लागत वाली 70 विकास परियोजनाओं को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में ग्रामीण विकास को गति देने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि क्षेत्र पंचायत की बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि गांवों के समग्र विकास की दिशा तय करने का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि सड़क, नाली, पेयजल, सामुदायिक भवन, रोजगार और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्वीकृत सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे कराए जाएं। उन्होंने क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा उठाई गई जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जनहित सर्वोपरि रहेगा।

बैठक में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अनिल कुमार राय ने बताया कि मनरेगा एवं राज्य वित्त योजना के तहत लगभग ₹5 करोड़ की लागत वाली 70 विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक के दौरान कृषि विभाग ने किसानों से फार्मर रजिस्ट्री जल्द से जल्द पूर्ण कराने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सरकारी लाभों का सुचारु रूप से लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अत्यंत आवश्यक है।
इसके अलावा सहकारिता, समाज कल्याण, पंचायती राज, कृषि, उद्यान, युवा कल्याण तथा बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने का भी आग्रह किया।

बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य संजू पटेल ने पिछले पांच वर्षों से लंबित मानदेय का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मानदेय का भुगतान न होने से क्षेत्र पंचायत सदस्यों में असंतोष है और इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए।

वहीं विठवल कला के क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पाठक ने गांव के सामुदायिक शौचालय में हमेशा ताला बंद रहने तथा पंचायत भवन का ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ न मिलने की शिकायत अधिकारियों के समक्ष रखी। इस पर संबंधित अधिकारियों ने दोनों समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा तथा ग्राम स्तर पर जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष बल दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि स्वीकृत परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई गति देखने को मिलेगी।
जिला स्तर के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के बैठक में शामिल न होने से कई क्षेत्र पंचायत सदस्य खिन्न दिखे। सदस्यों ने कहा कि उनकी उपस्थिति से जनसमस्याओं के समाधान और विकास योजनाओं पर प्रभावी निर्णय संभव हो पाते।
इस अवसर पर एडीओ पंचायत एन.डी. तिवारी, एडीओ समाज कल्याण अनुराग शुक्ला, एडीओ कृषि अजीत कुमार, जेई आगाज खान, प्रधान संघ अध्यक्ष रामलाल यादव, गुड्डू, सलीम, रंगलाल, कमलेश सहित अनेक ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
खबरी न्यूज विश्लेषण एडिटर इन चीफ के०सी०श्रीवास्तव एड०
क्षेत्र पंचायत की इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ₹5 करोड़ की 70 विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी रहा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल, सार्वजनिक भवन और रोजगार से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए पांच वर्षों से लंबित मानदेय और सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन के उपयोग जैसे मुद्दे यह भी दर्शाते हैं कि विकास योजनाओं के साथ-साथ जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान पर भी प्रशासन को समान रूप से ध्यान देना होगा। यदि स्वीकृत परियोजनाएं गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरी होती हैं, तो चकिया विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।





















