बदहाल सड़क और पटरी की कमी पर भड़के लोग, बाइक फिसलने के बाद भारी वाहन ने तीनों को कुचला; शादी की तैयारियों में जुटे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नरायनपुर, मिर्जापुर। नरायनपुर तिराहा से पुलिस चौकी तक बदहाल और पटरी विहीन सड़क पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। आलुमिल नरायनपुर के सामने बाइक फिसलने के बाद अज्ञात भारी वाहन की चपेट में आने से मां मुन्नी (45), बेटा मनोज चौहान (25) और तीन वर्षीय पोते श्रेयांस की मौत हो गई। एक ही दुर्घटना में परिवार की तीन पीढ़ियों के खत्म होने से क्षेत्र में शोक की लहर है। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
इस हादसे ने उस परिवार की खुशियां छीन लीं, जहां अगले महीने शादी की तैयारियां चल रही थीं। घर में विवाह को लेकर उत्साह था, लेकिन एक पल में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। जिस घर में शहनाइयां बजने की तैयारी थी, वहां अब अपनों को खोने का दर्द पसरा हुआ है।
रामनगर से घर लौटते समय हुआ हादसा
नरायनपुर चौकी प्रभारी आशीष सिंह के अनुसार, अहरौरा थाना क्षेत्र के पट्टी कलां गांव निवासी मनोज चौहान, पुत्र रमेश चंद्र चौहान, अपनी मां मुन्नी और तीन वर्षीय भतीजे श्रेयांस, पुत्र विकास चौहान, के साथ बाइक से घर लौट रहा था। तीनों वाराणसी के रामनगर स्थित अपनी बुआ के घर गए थे।
बुधवार सुबह करीब 10:15 बजे आलुमिल नरायनपुर के सामने सड़क की खराब पटरी के कारण बाइक फिसल गई। बाइक अनियंत्रित होने से तीनों सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से आ रहे अज्ञात भारी वाहन की चपेट में आने से तीनों की मौत हो गई।
घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही नरायनपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
एक दुर्घटना में तीन पीढ़ियों का अंत
इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों का बिछड़ना है। मां मुन्नी, उनका जवान बेटा मनोज और परिवार का नन्हा सदस्य श्रेयांस अब इस दुनिया में नहीं हैं। एक साथ तीन जिंदगियों के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मनोज तीन भाइयों में सबसे छोटा था और टाइल्स मिस्त्री का काम करता था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। हादसे के समय वह अपने भाई विकास चौहान की अपाचे बाइक लेकर गया था।
परिवार में अगले महीने शादी होनी थी और सभी लोग तैयारियों में जुटे थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि खुशियों की तैयारी के बीच ऐसा हादसा पूरे परिवार की दुनिया बदल देगा।
चाचा के साथ साये की तरह रहता था मासूम श्रेयांस
हादसे में जान गंवाने वाला तीन वर्षीय श्रेयांस अपने चाचा मनोज के बेहद करीब था। परिजनों के अनुसार, वह अक्सर अपने चाचा के साथ साये की तरह रहता था। दोनों का लगाव परिवार में सभी के लिए खास था।
जिस उम्र में बच्चे अपने परिवार के साथ खेलते-कूदते और दुनिया को समझना शुरू करते हैं, उसी उम्र में श्रेयांस की जिंदगी खत्म हो गई। चाचा के साथ घर लौटने निकला मासूम अब कभी वापस नहीं आएगा।
मां, बेटे और पोते की एक साथ मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव और आसपास के क्षेत्र में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है।
मुन्नी की मौत की वजह पर चर्चा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बीच मुन्नी की मौत को लेकर भी चर्चा रही। कुछ लोगों के अनुसार, उनके शरीर पर पहली नजर में स्पष्ट खरोंच या बाहरी चोट दिखाई नहीं दे रही थी। इस आधार पर स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि बेटे और पोते की दर्दनाक मौत का सदमा सहन न कर पाने के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा होगा।
हालांकि, मुन्नी की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। हार्ट अटैक की आशंका की पुष्टि नहीं हुई है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही चल सकेगा।
भाई की बाइक से हुई पहचान, पिता की तहरीर पर कार्रवाई
हादसे की सूचना पर नरायनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। मनोज जिस बाइक से यात्रा कर रहा था, वह उसके भाई विकास चौहान की अपाचे बाइक थी। बाइक के आधार पर पुलिस ने पट्टी कलां गांव के ग्राम प्रधान से संपर्क किया और ग्रामीणों को घटनास्थल पर बुलाया। इसके बाद मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस के अनुसार, मृतकों के पिता रमेश चंद्र चौहान की तहरीर पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। पुलिस फरार भारी वाहन और उसके चालक के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
एक किलोमीटर सड़क की बदहाली पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नरायनपुर तिराहा से पुलिस चौकी तक लगभग एक किलोमीटर लंबे मार्ग की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि सड़क पिछले करीब एक वर्ष से खराब है और कई स्थानों पर पटरी की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उनका आरोप है कि सड़क की मरम्मत की मांग कई बार उठाई गई, लेकिन स्थायी समाधान करने के बजाय गिट्टी डलवाकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है।
लोगों का कहना है कि सड़क की खराब पटरी के कारण बाइक अनियंत्रित होकर फिसली और यह हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना के सभी कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। घटना ने सड़क की स्थिति, नियमित रखरखाव और दुर्घटनाओं को रोकने के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थायी मरम्मत की मांग, ताकि किसी और का घर न उजड़े
तीन लोगों की मौत के बाद क्षेत्रीय लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने, पटरी को सुरक्षित बनाने और जिम्मेदार विभागों से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल गिट्टी डालना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। सड़क के किनारों को दुरुस्त करना और दोपहिया चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
नरायनपुर का यह हादसा केवल तीन जिंदगियों के खत्म होने की घटना नहीं, बल्कि एक परिवार की खुशियों के उजड़ने की दर्दनाक कहानी भी है। एक दुर्घटना में तीन पीढ़ियों का अंत पूरे क्षेत्र को झकझोर गया है। अब लोगों की निगाहें पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सड़क की मरम्मत को लेकर संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस दर्दनाक घटना के बाद जिम्मेदार विभाग सड़क की बदहाली दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे, ताकि भविष्य में किसी दूसरे परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।





















