उचेहरा में कपड़ा प्रेस की दुकान पर बैठे बुजुर्ग को डंपर ने कुचला, घंटों की मशक्कत के बाद क्रेन से निकाला गया शव; मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

चकिया से विनय राय की रिर्पोट
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क। चकिया, चंदौली। चकिया कोतवाली क्षेत्र के शिकारगंज इलाके में चकिया-अहरौरा मुख्य मार्ग पर स्थित उचेहरा ग्रामसभा में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग बाढू चौहान की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, बादू चौहान पुत्र स्वर्गीय घुमन चौहान कपड़ा प्रेस करने की दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान चकिया की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहा एक अनियंत्रित डंपर दुकान में जा घुसा। हादसे में बुजुर्ग डंपर और उसके नीचे दब गए। पास में स्थित छोटी नहर में डंपर का अगला हिस्सा चले जाने से वह बुरी तरह फंस गया और बादू चौहान की मौके पर ही मौत हो गई।

दुकान में घुसा बेकाबू डंपर, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, डंपर चकिया की तरफ से आ रहा था। उचेहरा गांव के पास पहुंचने पर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और डंपर सीधे सड़क किनारे स्थित कपड़ा प्रेस की दुकान में घुस गया। दुकान पर बैठे बादू चौहान इसकी चपेट में आ गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर की अधिकारियों को बुलाने की मांग
हादसे में बुजुर्ग की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। ग्रामीण जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। सूचना मिलने पर चकिया कोतवाली और शहाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत शुरू की।
इसके बाद उपजिलाधिकारी विकास मित्तल और चकिया कोतवाली प्रभारी संजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी बातचीत के बाद सड़क जाम खुलवाया गया और दुर्घटनाग्रस्त डंपर को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई।
क्रेन और हाईवा की मदद से निकाला गया शव
डंपर के नीचे फंसे बुजुर्ग को निकालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। वाहन बुरी तरह फंसा होने के कारण उसे हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों के सहयोग से बड़े हाईवा और क्रेन की व्यवस्था की गई। काफी प्रयासों के बाद क्रेन की मदद से डंपर के अगले हिस्से को उठाया गया, जिसके बाद बादू चौहान का शव बाहर निकाला जा सका।

शव बाहर निकलते ही ग्रामीणों में एक बार फिर आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीण तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग करने लगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाते हुए नियमानुसार कार्रवाई और उपलब्ध सहायता की संभावनाओं पर बातचीत की।
पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटनास्थल पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। बाद में पुलिस शव को अपने साथ ले गई। प्रशासन ने आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतक के परिवार और ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर गहरा दुख व्याप्त है।

तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल
उचेहरा में हुए इस हादसे ने चकिया-अहरौरा मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही और उनकी गति पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क किनारे दुकान पर बैठे एक बुजुर्ग की जान चली जाना स्थानीय लोगों के लिए बेहद दुखद घटना है। ग्रामीणों की मांग है कि दुर्घटना के कारणों की जांच हो तथा पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
फिलहाल, पुलिस की आगे की कार्रवाई और दुर्घटना के वास्तविक कारणों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।




















