पांच बीज एवं उर्वरक प्रतिष्ठान बंद मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी, किसानों से प्रमाणित बीज खरीदने की अपील
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चंदौली।
रबी फसलों की बुवाई के मौसम में किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने और बीज की बिक्री में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चंदौली जिले में कृषि विभाग ने बीज बिक्री केंद्रों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जनपद स्तरीय अधिकारियों की गठित टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 42 बीज बिक्री प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान सरसों, चना, मटर और गेहूं के कुल 20 बीज नमूने लिए गए। वहीं, पांच बीज एवं उर्वरक प्रतिष्ठान बंद पाए जाने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

कृषि विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य रबी सीजन में किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंचाना और बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। बुवाई के समय किसानों को अच्छे बीज उपलब्ध होना फसल की स्थापना, उत्पादन और खेती की लागत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बीज की गुणवत्ता की जांच और बिक्री केंद्रों के अभिलेखों का सत्यापन कृषि विभाग के निरीक्षण अभियान का अहम हिस्सा है।

42 दुकानों का निरीक्षण, प्रयोगशाला में होगी बीज की गुणवत्ता की जांच
प्राप्त विभागीय जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग एवं अन्य विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में रैंडम आधार पर बीज बिक्री केंद्रों की जांच की गई। उप कृषि निदेशक, चंदौली सदर/पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, जिला कृषि अधिकारी चंदौली तथा वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए, चकिया/नौगढ़ से संबंधित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान गेहूं, चना, मटर और सरसों के कुल 20 नमूने एकत्र किए गए हैं। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। परीक्षण रिपोर्ट में यदि कोई नमूना अधोमानक पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध बीज नियंत्रण आदेश, 1983 एवं बीज अधिनियम, 1966 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण चरण प्रयोगशाला की रिपोर्ट होगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही बीज की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।

पांच प्रतिष्ठान बंद मिलने पर नोटिस
निरीक्षण अभियान के दौरान पांच बीज एवं उर्वरक प्रतिष्ठान बंद पाए गए। इनमें मेसर्स ईश्वर बीज भंडार, जनौली; मेसर्स उमरावती एग्री जंक्शन खाद-बीज भंडार, कमालपुर; मेसर्स पंडित खाद एवं बीज भंडार, कमालपुर; मेसर्स खुशबू बीज भंडार, धानापुर तथा मेसर्स आदर्श कृषि विकास, धानापुर शामिल हैं।
इन प्रतिष्ठानों के बंद मिलने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, प्रतिष्ठानों के बंद रहने के कारणों और आगे की कार्रवाई के संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित विभागीय प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

किसानों को सलाह: प्रमाणित बीज खरीदें, पक्का बिल जरूर लें
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि रबी फसलों की बुवाई के लिए गेहूं, चना, मटर, सरसों सहित अन्य फसलों के केवल प्रमाणित बीज ही खरीदें। बीज खरीदते समय किसान पैकेट पर अंकित विवरण, किस्म, लॉट नंबर, वैधता संबंधी जानकारी और गुणवत्ता प्रमाणन की जांच करें। खरीद के बाद दुकानदार से कैश मेमो या पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर खरीद का प्रमाण उपलब्ध रहे।
किसानों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे बिना बिल के बीज न खरीदें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका होने पर संबंधित कृषि विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
उर्वरक की उपलब्धता को लेकर विभाग ने दी जानकारी
कृषि विभाग के अनुसार, रबी फसलों की बुवाई के लिए जनपद में उर्वरक का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, निजी एवं सहकारी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर यूरिया 17,031 मीट्रिक टन, डीएपी 8,461 मीट्रिक टन तथा एनपीके 3,337 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
किसानों से कहा गया है कि वे फार्मर रजिस्ट्री और प्रमाणित खतौनी के साथ उर्वरक खरीदें। साथ ही, जिस फसल की बुवाई की जा रही है, उसके लिए कृषि विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही उर्वरक का प्रयोग करें। जरूरत से अधिक खाद का इस्तेमाल करने से खेती की लागत बढ़ सकती है और मिट्टी की सेहत पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
किसानों के हित में जरूरी है सतर्कता
रबी सीजन में बीज और उर्वरक की मांग बढ़ने के साथ किसानों के लिए खरीदारी में सावधानी बरतना जरूरी है। कृषि विभाग का निरीक्षण अभियान बीज की गुणवत्ता की जांच और बिक्री व्यवस्था की निगरानी की दिशा में एक कदम है। अब लिए गए 20 नमूनों की प्रयोगशाला जांच और बंद मिले प्रतिष्ठानों के संबंध में विभागीय प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
खबरी न्यूज़ की अपील: किसान भाई प्रमाणित बीज खरीदें, पक्का बिल लें और फसल के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक का प्रयोग करें। जागरूक किसान ही सुरक्षित खेती और बेहतर उत्पादन की मजबूत नींव हैं।
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