विनय राय की रिर्पोट
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया, चंदौली — अपराधियों के हौसले भले बुलंद हों, लेकिन चकिया पुलिस की तेजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं। “सोने के नाम पर ठगी” का एक ऐसा हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लेकिन इससे भी ज्यादा चर्चा में है पुलिस की 12 घंटे के अंदर की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई, जिसने पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

कैसे हुआ 16 लाख का खेल?
23 अप्रैल 2026 — दिन सामान्य था, लेकिन ग्राम सभा बरहुआ स्थित शशि ज्वेलर्स के संचालक शशि प्रकाश वर्मा के लिए यह दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा।
गिरोह ने बेहद शातिर तरीके से पहले छोटे-छोटे असली सोने के टुकड़े दिखाकर विश्वास जीता। “ट्रस्ट बिल्डिंग” का यह तरीका इतना सटीक था कि जौहरी को जरा भी शक नहीं हुआ। इसके बाद असली खेल शुरू हुआ…
👉 100 ग्राम से ज्यादा सोना देने का झांसा
👉 बदले में लगभग 16 लाख रुपये कैश वसूले
👉 और फिर… “सोना” बन गया “नकली गुरिया” 😳
जब पीड़ित ने थैली खोली, तो अंदर चमक तो थी, लेकिन असलियत नकली धातु निकली। उस पल का झटका ऐसा था, जिसने पूरे बाजार को हिला दिया।

12 घंटे में पुलिस का एक्शन — फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तारी!
घटना की सूचना मिलते ही चकिया थाना पुलिस हरकत में आई।
थाना प्रभारी अर्जुन सिंह के नेतृत्व में पुलिस और सर्विलांस टीम ने जाल बिछाया।

📍 लोकेशन: बेलवार क्षेत्र की पहाड़ियां
⏱️ समय: 26 अप्रैल सुबह
👉 पुलिस ने 7 आरोपियों को धर दबोचा
👉 गिरोह में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल
👉 मौके से 15.80 लाख रुपये नकद बरामद

यह ऑपरेशन इतना सटीक था कि अपराधियों को भागने का मौका तक नहीं मिला।
गिरोह का मास्टर प्लान — “सोने की खान” का झूठ
पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह और भी चौंकाने वाला है।
👉 आरोपी खुद को ओडिशा की सोने की खानों में काम करने वाला बताते थे
👉 पहले असली सोना दिखाकर भरोसा जीतते
👉 फिर बड़ी डील का लालच देकर मोटी रकम ऐंठते
👉 और अंत में नकली सामान देकर फरार हो जाते
यह गिरोह खानाबदोश स्टाइल में काम करता था —
📍 हर घटना के बाद नया ठिकाना
📍 नए जिले, नया शिकार
📍 और वही पुराना “गोल्ड स्कैम”
क्यों खतरनाक है यह गिरोह?
यह कोई साधारण ठगी नहीं, बल्कि संगठित अंतरराज्यीय अपराध है।
👉 इसमें महिलाएं और बच्चे शामिल — ताकि शक कम हो
👉 टारगेट — ज्वेलर्स और बड़े कैश ट्रांजेक्शन वाले लोग
👉 तरीका — “रियल गोल्ड सैंपल” से विश्वास जीतना
इस तरह के गिरोह पूरे देश में एक्टिव हैं और छोटे शहरों को आसान टारगेट मानते हैं।
पुलिस की सतर्कता बनी मिसाल
चकिया पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि
👉 सूचना तंत्र मजबूत है
👉 टीमवर्क और स्पीड बेहतरीन है
👉 और सबसे अहम — अपराधियों को “सेफ ज़ोन” नहीं मिलेगा
पुलिस अब आरोपियों के
✔️ आपराधिक इतिहास
✔️ अन्य राज्यों में नेटवर्क
✔️ और पुराने मामलों की कड़ियां
खंगाल रही है।
व्यापारियों के लिए बड़ा अलर्ट!
यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे व्यापार जगत के लिए चेतावनी है।
👉 अनजान लोगों से बड़े लेन-देन से बचें
👉 कैश ट्रांजेक्शन में पूरी जांच-पड़ताल करें
👉 “सस्ते में सोना” जैसी डील पर तुरंत भरोसा न करें
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई।
🔥 “चकिया पुलिस जिंदाबाद”
🔥 “12 घंटे में गिरोह साफ — कमाल की पुलिसिंग”
🔥 “गोल्ड स्कैम से बचें — जागरूक बनें”
लोग पुलिस की इस कार्रवाई की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
“ठगों की चालाकी vs पुलिस की तेज़ी”
यह पूरा मामला एक बात साफ करता है —
👉 अपराधी कितने भी शातिर क्यों न हों
👉 लेकिन अगर पुलिस सतर्क और तेज़ हो, तो उनका खेल ज्यादा दिन नहीं चल सकता
चकिया पुलिस ने न सिर्फ एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया, बल्कि यह भी दिखाया कि
“कानून की पकड़ से बचना नामुमकिन है।”
https://khabarinews.com/bjp-wiped-out-in-premapur-over-150-villagers-quit-en-masse/
“सोने के नाम पर 16 लाख की ठगी!- Khabari Impact:
यह खबर सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक संदेश है —
👉 जागरूक रहें
👉 सतर्क रहें
👉 और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें
“सोने के नाम पर 16 लाख की ठगी!-खबरी का खबरनामा –दिलचस्प बात ये भी है कि करीब एक दशक पहले बेलवार गांव
चांदी के सिक्कों के लेन-देन और बदलाव के लिए काफी चर्चित रहा है।
यानी यह इलाका पहले भी ऐसे संदिग्ध सौदों का गवाह रह चुका है।
चकिया पुलिस के नेतृत्व में इस कार्रवाई ने फिर साबित किया —
“अपराध कितना भी चालाक हो… कानून उससे दो कदम आगे है!”

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