बरेली और सिद्धार्थनगर से सामने आए दो अलग-अलग मामलों ने पूरे प्रदेश में चिंता बढ़ा दी है
बरेली में टंकी गिरने पर सख्त कार्रवाई
बरेली में Jal Jeevan Mission के तहत निर्माणाधीन पानी की टंकी गिरने के मामले में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बड़ा एक्शन लिया है।

इस घटना को गंभीरता से लेते हुए निर्माणदायी संस्था एनसीसी लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इसके साथ ही:
- जल निगम ग्रामीण के संबंधित जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया
- राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त
- असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू
- अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी
यही नहीं, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी टीपीआई बीएलजी के बरेली स्थित सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को हटा दिया गया है और कंपनी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
सिद्धार्थनगर में “मौत की टंकी” का खतरा

वहीं दूसरी ओर सिद्धार्थनगर जिले के इटवा नगर पंचायत क्षेत्र में करहिया पुल के पास बनी पानी की टंकी आंधी-बारिश के बाद क्षतिग्रस्त होकर झुक गई है। यह टंकी अब गिरने की स्थिति में है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि:
- टंकी कभी भी गिर सकती है
- आसपास रहने वाले लोगों की जान को खतरा है
- इसे “मौत की टंकी” कहा जा रहा है
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दे दी है और मांग की है कि:

- क्षतिग्रस्त टंकी को तुरंत हटाया जाए
- पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
निर्माण गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल
इन दोनों घटनाओं ने जल जीवन मिशन के तहत हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लापरवाही, घटिया निर्माण सामग्री और भ्रष्टाचार के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अब जरूरत है कि सरकार न सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करे, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और निगरानी को भी मजबूत करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



















