© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail
Home » उत्तर प्रदेश » “कीटनाशी बिक्री में खेल खत्म: नियम तोड़ा तो सीधे FIR!”

“कीटनाशी बिक्री में खेल खत्म: नियम तोड़ा तो सीधे FIR!”

Alert मोड में कृषि विभाग — अब लापरवाही पर सीधे FIR!

“कीटनाशी विक्रेताओं के लिए अंतिम चेतावनी: नियमों से बाहर गए तो व्यापार खत्म!”

SRVS Sikanderpur

चंदौली जनपद में कृषि विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी/जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव की ओर से जारी निर्देशों ने कीटनाशी विक्रेताओं के बीच हलचल मचा दी है। साफ शब्दों में कहा गया है—अब या तो नियमों के दायरे में रहकर व्यापार करें, या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

https://khabarinews.com/mega-jan-chaupal-in-bhabhaura-dm-listens-to-grievances5337-2/

 क्या है पूरा मामला?

जिले में लगातार हो रहे निरीक्षणों के दौरान एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। कई दुकानों पर कीटनाशी रसायनों की बिक्री पी.सी. (प्रोडक्ट सर्टिफिकेट/अथॉरिटी लेटर) के अनुरूप नहीं हो रही है। यानी जो रसायन बेचने की अनुमति है, उससे अलग उत्पाद किसानों को थमाए जा रहे हैं।

यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि किसानों के जीवन और फसल दोनों के साथ खिलवाड़ है।

 अब सीधे FIR का खतरा

कृषि अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी विक्रेता द्वारा पी.सी. के विपरीत रसायन बेचे जाते पाए गए, तो उनके खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968 की सुसंगत धाराओं के तहत सीधी एफआईआर दर्ज होगी। अब “चेतावनी” का दौर खत्म—एक्शन” का समय शुरू।

Dalimss Sunbeam Chakia

 रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई दुकानों पर जरूरी दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं हैं—

  • स्टॉक रजिस्टर गायब
  • बिक्री रजिस्टर अपडेट नहीं
  • कैश मेमो अधूरा या अनुपस्थित

सबसे गंभीर बात—कई दुकानदार किसानों को बिल (कैश मेमो) तक नहीं दे रहे। यह सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

Silver Bells Chakia

 किसान क्यों हैं सबसे ज्यादा प्रभावित?

जब किसान बिना सही बिल और जानकारी के रसायन खरीदता है, तो:

  • गलत दवा से फसल बर्बाद हो सकती है
  • कोई शिकायत दर्ज कराने का आधार नहीं रहता
  • आर्थिक नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिलता

यानी एक छोटी लापरवाही, किसान की पूरी मेहनत पर भारी पड़ सकती है।

 IPMS पोर्टल बना ‘गेम चेंजर’

अब सभी विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे IPMS पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं। बिना पंजीकरण, प्रमाणिक लाइसेंस और सही उत्पाद के व्यापार करना अब जोखिम भरा है।

👉 यह सिस्टम सुनिश्चित करेगा कि:

  • केवल प्रमाणिक उत्पाद ही बिकें
  • हर बिक्री का रिकॉर्ड रहे
  • पारदर्शिता बनी रहे

 “नियम नहीं माने तो परिणाम भुगतने होंगे”

कृषि अधिकारी का संदेश बिल्कुल साफ है—
“अगर जनपद में व्यापार करना है, तो कानून के दायरे में रहना ही होगा।”

अब विभाग सिर्फ निर्देश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि फील्ड में उतरकर सख्त कार्रवाई करने के मूड में है

 खबरी न्यूज़ का सवाल

क्या अब भी कुछ विक्रेता नियमों से खेलते रहेंगे?
या इस सख्ती के बाद सिस्टम में सुधार आएगा?

 अब नहीं चलेगी मनमानी

यह कार्रवाई सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि किसानों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा निर्णय है। जो विक्रेता अब भी लापरवाही करेंगे, उनके लिए यह स्पष्ट संकेत है—
“व्यापार बचाना है तो नियम अपनाओ, वरना कानून तैयार है।”

✍️ खबरी न्यूज़ अपील करता है—किसान भाई भी जागरूक रहें। बिना बिल के कोई भी रसायन न खरीदें। आपकी सतर्कता ही आपकी फसल की सुरक्षा है।

raising sun
raising sun
Daidij marka
Daidij marka

Share this post:

Facebook
X
Telegram
Email
WhatsApp

Leave a Comment

लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो

लेटेस्ट न्यूज़ चंदौली

ब्रेकिंग न्यूज़ | पचवनियां फाल पर किसानों का आर-पार का ऐलान, मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना निर्माणाधीन बीयर (छलका) की ऊंचाई को लेकर भड़का किसानों का आक्रोश, भारतीय किसान मंच और भाकियू (टिकैत) ने दी आंदोलन को धार, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Read More »

लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़ | पचवनियां फाल पर किसानों का आर-पार का ऐलान, मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना निर्माणाधीन बीयर (छलका) की ऊंचाई को लेकर भड़का किसानों का आक्रोश, भारतीय किसान मंच और भाकियू (टिकैत) ने दी आंदोलन को धार, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Read More »

Advertisement Box

Follow Our Facebook Page

लाइव क्रिकट स्कोर

राशिफल

© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail

error: Content is protected !!