▶ मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन
▶ तहसीलदार देवेन्द्र के तेवर देख अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप
▶ तीन जेसीबी, भारी पुलिस फोर्स और राजस्व विभाग की फौज ने संभाला मोर्चा
▶ मीट-मुर्गा बाजार, मछली दुकानें, गुमटियां और ठेले हुए जमींदोज
▶ जारी रहेगी कार्रवाई, कब्जाधारियों की बढ़ी बेचैनी
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क इलिया‚चन्दौली। सोमवार को इलिया में उस समय हड़कंप मच गया जब चकिया तहसीलदार देवेन्द्र कुमार खुद डंडा हाथ में लेकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने मैदान में उतर पड़े। तहसीलदार के सख्त तेवर और बुलडोजरों की गड़गड़ाहट ने वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए लोगों के होश उड़ा दिए। देखते ही देखते अमृत सरोवर मार्ग और पोखरे की भूमि पर लगभग 25 वर्षों से जमे अवैध कब्जे धराशायी होने लगे।
तहसीलदार के तेवर देख पीछे हटे कब्जाधारी
कार्रवाई शुरू होते ही तहसीलदार देवेन्द्र पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हाथ में डंडा और चेहरे पर सख्त प्रशासनिक तेवर साफ संदेश दे रहे थे कि इस बार किसी भी कीमत पर सरकारी जमीन खाली कराई जाएगी। जैसे-जैसे जेसीबी आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे अतिक्रमणकारियों के चेहरे उतरते गए।

मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि तहसीलदार देवेन्द्र पूरे अभियान के दौरान खुद निगरानी करते रहे और किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की।
5 साल का जख्म, 5 घंटे में मरहम! जब तहसीलदार ने खुद उठाया फावड़ा, टूट गई साम्प्रदायिकता की दीवार
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त ताकत
मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में नायब तहसीलदार आरिफ, नायब तहसीलदार आलोक, लगभग 25 लेखपाल, 5 राजस्व निरीक्षक, कर्मी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
मीट-मुर्गा बाजार पर चला बुलडोजर
अभियान के दौरान अवैध रूप से संचालित मीट-मुर्गा दुकानों, मछली बाजार, गुमटियों, ठेलों और खोमचों को हटाया गया। तीन जेसीबी मशीनें लगातार कई घंटों तक कार्रवाई करती रहीं और वर्षों पुराने कब्जों को ध्वस्त कर दिया गया।
हजारों की भीड़ बनी गवाह
कार्रवाई के दौरान हजारों लोगों की भीड़ मौके पर जमा रही। हर कोई प्रशासनिक कार्रवाई को अपनी आंखों से देखना चाहता था। भीड़ के बीच भी प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया और कानून-व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ने दिया गया।

फिर गरजेगा बुलडोजर
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो यह अभियान अभी जारी रहेगा। सरकारी भूमि पर जहां-जहां अतिक्रमण मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान को जारी रहने की संभावना है, जिससे कब्जाधारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश
तहसील प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई होगी। सार्वजनिक भूमि को मुक्त कराकर उसके मूल स्वरूप में वापस लाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

खबरी न्यूज ब्यू
जब डंडा लेकर खुद मैदान में उतर पड़े तहसीलदार देवेन्द्र, तो 25 साल से जमे अवैध कब्जों की नींव हिल गई। बुलडोजर गरजा, कब्जे ढहे और प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया—सरकारी जमीन पर कब्जा अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा! इलिया में चली यह कार्रवाई अब पूरे इलाके में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।





















