तीन दिवसीय विशेष अभियान में नेचर फ्रेश, पराग और काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की पैनी नजर
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चंदौली। जनपद में दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ऐसा अभियान छेड़ा है, जिसने डेयरी कारोबारियों के बीच हलचल मचा दी है। आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार मैदान में उतर चुकी है।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी चंदौली के निर्देश पर चल रहे तीन दिवसीय विशेष अभियान के दौरान बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई प्रमुख दुग्ध उत्पादक कंपनियों और डेयरियों का निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का उद्देश्य जनता तक पहुंचने वाले दूध, दही, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति जानना है।

नेचर फ्रेश और पराग के नमूने जांच के लिए भेजे गए
विशेष अभियान के तहत विभागीय टीम ने नेचर फ्रेश कंपनी से दूध एवं दही के नमूने संग्रहित किए। वहीं प्रदेश की प्रतिष्ठित दुग्ध उत्पादक कंपनी पराग से दूध एवं पनीर के नमूने लिए गए।
इन सभी नमूनों को विधिवत सील कर प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि रिपोर्ट में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी में मिली बड़ी खामी
अभियान के दौरान सकलडीहा स्थित काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी का जब सघन निरीक्षण किया गया तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
निरीक्षण के समय ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले दूध की गुणवत्ता जांच के लिए कोई केमिस्ट मौजूद नहीं मिला। यह स्थिति विभागीय अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गई।

जब रिकॉर्ड की गहन जांच की गई तो पता चला कि यहां से एकत्रित दूध मदर डेयरी को सप्लाई किया जाता है, लेकिन मौके पर दूध की गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं की जा रही थी।
यानी जिस दूध को ग्रामीण मेहनत से तैयार कर रहे हैं और जो अंततः लाखों उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है, उसकी गुणवत्ता की निगरानी में गंभीर लापरवाही सामने आई।

सुधार नोटिस जारी, दोबारा होगी जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस खामी को गंभीरता से लेते हुए काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी को तत्काल सुधार नोटिस जारी किया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं किया गया तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा कंपनी का पुनः निरीक्षण भी किया जाएगा।
जनता की सेहत से समझौता नहीं : खाद्य सुरक्षा विभाग
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.एन. त्रिपाठी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
त्योहारों और बढ़ती उपभोक्ता मांग के बीच दूध एवं दुग्ध उत्पादों की शुद्धता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से लगातार अभियान चलाकर नमूने लिए जा रहे हैं और प्रयोगशाला जांच कराई जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान
आज की कार्रवाई का नेतृत्व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.एन. त्रिपाठी ने किया। उनके साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार एवं रणधीर सिंह यादव भी मौजूद रहे।
पूरी टीम ने कई स्थानों पर जाकर निरीक्षण किया और संबंधित अभिलेखों की जांच की। विभागीय अधिकारियों ने साफ कहा कि जहां भी मानकों की अनदेखी मिलेगी, वहां कार्रवाई निश्चित होगी।
जनता पूछ रही है बड़ा सवाल!
क्या बाजार में बिकने वाला हर दूध वास्तव में शुद्ध है?
क्या गुणवत्ता जांच के बिना दूध सप्लाई करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ बड़ा जोखिम नहीं है?
क्या जांच रिपोर्ट आने के बाद और बड़े खुलासे सामने आएंगे?
इन सवालों के जवाब अब प्रयोगशाला रिपोर्ट तय करेगी। फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि चंदौली में अब दूध की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर बेहद सख्त हो चुकी है।
✍️ खबरी न्यूज
“जनहित की आवाज, सच के साथ”
#Chandauli #KhabariNews #FoodSafetyDepartment #MilkTesting #ParagMilk #NatureFresh #MilkQuality #FoodDepartmentAction #Sakaldiha #BreakingNews #UPNews #HealthSafety #DairyInspection #KhabariNewsNetwork





















