सांसद छोटेलाल खरवार ने बिशेशरपुर भरदुआँ में सुनी ग्रामीणों की पीड़ा
- दलित, पिछड़े और आदिवासी परिवारों ने सांसद के समक्ष भूमि संबंधी समस्याएं रखीं
- सांसद ने निष्पक्ष जांच और न्यायोचित समाधान की मांग की, कहा— सड़क से सदन तक उठेगा मुद्दा
- एसडीएम विनय कुमार मिश्रा से निष्पक्ष एवं संवेदनशील कार्रवाई की उम्मीद, कानून के दायरे में समाधान पर जोर
- प्रशासन का संदेश स्पष्ट— कानून के अनुसार सभी पक्षों को सुनकर होगा निर्णय
चकिया/नौगढ़ (चंदौली)। चकिया विधानसभा क्षेत्र के नौगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम बिशेशरपुर भरदुआँ में भूमि विवाद से जुड़े मामले ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया, जब राबर्ट्सगंज (सोनभद्र) के सांसद छोटेलाल खरवार गांव पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष भूमि, आवास और आजीविका से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए तथा प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अपनी शिकायतें रखीं।
ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि वे कई वर्षों से जिस भूमि पर खेती और निवास कर रहे हैं, उस पर अब स्वामित्व को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि पात्र परिवारों को नियमानुसार अधिकार मिलेंगे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।

सांसद छोटेलाल खरवार ने ग्रामीणों की बात गंभीरता से सुनते हुए कहा कि किसी भी गरीब, दलित, पिछड़े या आदिवासी परिवार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी स्तर पर पात्र लोगों के साथ अन्याय हुआ है तो मामले को संबंधित अधिकारियों और आवश्यक होने पर संसद तक भी उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून और संविधान के दायरे में रहकर प्रत्येक पात्र व्यक्ति को न्याय मिलना चाहिए।
इस दौरान सांसद ने ग्रामीणों से भी शांति बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया से ही संभव है।
एसडीएम विनय कुमार मिश्रा से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों की शिकायतों के बीच यह उम्मीद भी जताई गई कि नौगढ़ के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विनय कुमार मिश्रा पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर सभी पक्षों को सुनेंगे और शासन की मंशा तथा कानून के अनुरूप उचित निर्णय सुनिश्चित करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार भूमि संबंधी मामलों में शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक कार्रवाई विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की जाए और किसी भी पात्र व्यक्ति के अधिकारों का संरक्षण हो।
भूमि विवाद जैसे मामलों में प्रशासन की भूमिका कानून लागू करने की होती है। ऐसे में यदि किसी पक्ष को किसी कार्रवाई पर आपत्ति है तो वह सक्षम न्यायिक अथवा प्रशासनिक मंच पर अपनी बात रख सकता है।

संतुलित और न्यायपूर्ण समाधान की जरूरत
ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। वहीं सांसद ने अधिकारियों से संवाद स्थापित कर मामले का न्यायपूर्ण एवं शांतिपूर्ण समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
खबरी न्यूज यह स्पष्ट करता है कि समाचार में वर्णित आरोप ग्रामीणों द्वारा सांसद के समक्ष रखी गई शिकायतों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

KHABARI NEWS UPDATE
“संवाद, संवेदनशीलता और कानून— यही किसी भी भूमि विवाद के स्थायी समाधान का आधार है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से ही गरीबों को न्याय और क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द दोनों सुनिश्चित किए जा सकते हैं।”
























