चकिया, चंदौली। चकिया तहसील क्षेत्र स्थित मुसाखांड डैम में रविवार शाम हुए दर्दनाक हादसे का सोमवार को दुखद अंत हो गया। सैयदराजा निवासी 22 वर्षीय युवक रंजीत का शव करीब 24 घंटे बाद स्थानीय गोताखोर की कड़ी मशक्कत के बाद बरामद किया गया। घटना के बाद से पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों द्वारा लगातार तलाश अभियान चलाया जा रहा था। आखिरकार ग्राम पचवनिया निवासी अनुभवी गोताखोर रणवीर चौहान ने घंटों की मेहनत के बाद युवक के शव को गहरे पानी से बाहर निकाला।
Musakhand Dam Chakia Youth Drowned : डूबे युवक का 24 घंटे बाद मिला शव, गोताखोर रणवीर चौहान ने निकाला बाहर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सैयदराजा निवासी रंजीत रविवार को अपने कुछ दोस्तों के साथ मुसाखांड डैम पर पिकनिक मनाने आया था। सभी साथी बांध के निचले हिस्से में भोजन बनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान रंजीत नहाने के लिए डैम के पानी में उतर गया। बताया जा रहा है कि नहाते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सका और देखते ही देखते पानी में डूब गया।

घटना को देख उसके दोस्तों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस और स्थानीय लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही चकिया पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की सहायता से तलाश अभियान शुरू कराया। रविवार देर रात तक लगातार खोजबीन की गई, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चल सका।
सोमवार सुबह एक बार फिर पुलिस की मौजूदगी में खोज अभियान शुरू किया गया। स्थानीय गोताखोरों ने डैम के गहरे हिस्सों में कई घंटे तक लगातार तलाश की। काफी प्रयासों के बाद ग्राम पचवनिया निवासी गोताखोर रणवीर चौहान ने युवक के शव का पता लगाया और घंटों की मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव की स्थिति बदल चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि युवक के पैर लंबे समय तक पानी में रहने के कारण पूरी तरह सफेद पड़ चुके थे। शव को बाहर निकालते ही वहां मौजूद परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।
घटना की सूचना पर चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना को हादसा मानते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

बरसात के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में डैम, नदी और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। कई स्थानों पर पानी की गहराई का सही अनुमान नहीं लग पाता, जबकि चट्टानों और सीढ़ियों पर काई जमने से फिसलन भी बढ़ जाती है। ऐसे में थोड़ी सी असावधानी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने अपील की है कि पिकनिक या घूमने के दौरान डैम, नदी और अन्य गहरे जलाशयों में बिना सुरक्षा व्यवस्था के न उतरें। यदि किसी स्थान की गहराई की जानकारी न हो तो वहां स्नान करने से बचें। साथ ही किसी भी प्रकार का स्टंट या जोखिम भरा कदम उठाने से परहेज करें।

एक पल की लापरवाही किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है। इसलिए प्राकृतिक जलाशयों के आसपास जाते समय पूरी सतर्कता बरतना और सुरक्षा नियमों का पालन करना ही सबसे बड़ी समझदारी है।



















