डीएम चन्द्र मोहन गर्ग ने कारोबारियों के साथ बनाई रणनीति, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
चन्दौली | KHABARI NEWS
पूर्वांचल के मत्स्य कारोबार को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। चन्दौली में नवनिर्मित ‘स्टेट ऑफ आर्ट होल सेल फिश मार्केट’ के प्रभावी संचालन को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चन्दौली और वाराणसी के प्रमुख मत्स्य पालकों, बड़े मछली कारोबारियों तथा मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

किसानों को मिलेगा उनकी मेहनत का पूरा दाम
बैठक में जिलाधिकारी ने सीधे मत्स्य पालकों और कारोबारियों से संवाद करते हुए स्पष्ट कहा कि इस आधुनिक होल सेल फिश मार्केट का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित एवं बेहतर मूल्य दिलाना है। उन्होंने कहा कि मंडी के संचालन से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को सीधे खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
बैठक के दौरान व्यापारियों और किसानों ने मंडी की आवक, विपणन व्यवस्था, खरीद-बिक्री प्रक्रिया तथा संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
जिलाधिकारी ने कहा कि यह अत्याधुनिक फिश मार्केट पूरी क्षमता के साथ शुरू होने के बाद पूर्वांचल के मत्स्य कारोबार का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे क्षेत्र के हजारों मत्स्य पालकों को सीधा लाभ मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मंडी के संचालन से केवल किसानों की आय ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि परिवहन, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, श्रमिक, थोक व्यापार और खुदरा कारोबार जैसे क्षेत्रों में भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

इन जिलों के किसानों को भी जोड़ा जाएगा
बैठक में जिलाधिकारी ने उप निदेशक मत्स्य को निर्देशित किया कि इस फिश मंडी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए आसपास के जिलों—
- गाजीपुर
- मऊ
- जौनपुर
- सोनभद्र
- बलिया
- मिर्जापुर
- वाराणसी
के अधिक से अधिक मत्स्य पालकों और व्यापारियों को इस मंडी से जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर मछली व्यापार का विस्तार हो और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।

बैठक में क्या रहा खास?
- ✅ स्टेट ऑफ आर्ट होल सेल फिश मार्केट के संचालन पर मंथन
- ✅ किसानों और व्यापारियों से सीधे सुझाव लिए गए
- ✅ बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने पर जोर
- ✅ किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की रणनीति
- ✅ पूर्वांचल को मत्स्य व्यापार का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी
- ✅ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों पर विशेष फोकस
🎤 KHABARI NEWS विश्लेषण
यदि यह अत्याधुनिक फिश मार्केट पूरी क्षमता से संचालित होती है तो चन्दौली न केवल पूर्वांचल बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख मत्स्य व्यापारिक हब के रूप में उभर सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, स्थानीय व्यापार को गति देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
क्या यह मंडी पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था बदल देगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।




















