खबरी न्यूज शहाबगंज‚चंदौली। । जिले के शहाबगंज थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में बंद कुएं के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा उस समय हुआ, जब कुएं में फंसे सबमर्सिबल पंप को निकालने के लिए एक के बाद एक युवक नीचे उतरते चले गए। कुएं के भीतर जहरीली गैस होने की जानकारी किसी को नहीं थी और अंदर पहुंचते ही युवक बेहोश होते गए।
घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे शहाबगंज थाना क्षेत्र के किड़हिरा गांव की बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी युवकों को कुएं से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान वारिस अली, तौकीर आलम और जमाल के रूप में हुई है, जबकि समशेर की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी युवकों की उम्र लगभग 18 से 35 वर्ष के बीच बताई गई है।
फोन पर भाई ने किया था इंतजार करने का आग्रह
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी दानिश अली ने बताया कि शनिवार सुबह उनके छोटे भाई वारिस अली ने उन्हें फोन कर जानकारी दी थी कि कुएं में फंसे सबमर्सिबल पंप को निकालना है। उस समय दानिश किसी काम से वाराणसी गए हुए थे। उन्होंने अपने छोटे भाई से कहा था कि उनके वापस आने के बाद ही कुएं से सबमर्सिबल पंप निकाला जाएगा।
दानिश के अनुसार, उनके समझाने के बावजूद दोपहर में वारिस अली अचानक रस्सी के सहारे कुएं में उतर गया। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह बाहर नहीं आया तो उसका दोस्त तौकीर आलम उसे देखने और बचाने के लिए कुएं में उतर गया। लेकिन कुछ देर बाद वह भी कुएं के अंदर बेहोश हो गया।
एक-दूसरे को बचाने में बढ़ती गई त्रासदी ( Chandauli Well Poisonous Gas Death)
वारिस और तौकीर के कुएं से बाहर न आने पर परिवार और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद उनके चाचा जमाल भी रस्सी के सहारे कुएं के अंदर उतरे, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने के कारण वह भी बेहोश हो गए। देखते ही देखते पंप निकालने का सामान्य प्रयास एक बड़े हादसे में बदल गया।

इसी दौरान दानिश वाराणसी से वापस गांव पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने ग्रामीणों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। रस्सी के सहारे कुएं में फंसे युवकों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी को कुएं से बाहर निकाला गया। इस दौरान एक अन्य युवक समशेर भी गंभीर अवस्था में पाया गया।
अस्पताल में तीन को डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। गंभीर हालत में सभी युवकों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जमाल, तौकीर आलम और वारिस अली को मृत घोषित कर दिया।

वहीं, गंभीर रूप से बीमार समशेर का इलाज जारी है। उसकी हालत को लेकर चिकित्सक लगातार निगरानी कर रहे हैं। तीन युवकों की एक साथ मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बंद कुएं में जहरीली गैस होने की आशंका
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से बंद या कम उपयोग में रहे कुएं के भीतर जहरीली गैस जमा हो गई थी। कुएं में उतरते ही युवकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल सकी और वे बेहोश होते चले गए। हालांकि, जहरीली गैस की वास्तविक प्रकृति और मौत के कारणों की पुष्टि जांच और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घटना ने एक बार फिर बंद कुओं, सेप्टिक टैंक और अन्य संकरे स्थानों में बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरने के खतरे को उजागर कर दिया है।
कुएं में जहरीली गैस से तीन मौतें, डीएम-एसपी ने लिया घटनास्थल का जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल किड़हिरा गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी ली। प्रथम दृष्टया कुएं में बनी जहरीली गैस को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
घटना ने लंबे समय से बंद पड़े कुओं में बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरने में बरती गई लापरवाही के गंभीर खतरे को भी उजागर किया है। पुलिस जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण और कुएं में मौजूद गैस की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।




















