भाजपा के प्रमुख स्थानीय चेहरों में रही पहचान, 1991 और 1993 में लगातार दो चुनाव जीतकर किया था चकिया का प्रतिनिधित्व
चकिया/चंदौली। चकिया विधानसभा क्षेत्र की राजनीति से सोमवार को दुखद खबर सामने आई। पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश बहेलिया का निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न वर्गों में शोक की लहर दौड़ गई। पैतृक गांव मंगरौर सहित चकिया क्षेत्र में लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
राजेश बहेलिया चकिया की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले प्रमुख भाजपा नेताओं में शामिल रहे। वर्ष 1991 में भाजपा की लहर के बीच उन्होंने चकिया विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 1993 के मध्यावधि विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखी। लगातार दो चुनावों में जीत हासिल कर उन्होंने विधानसभा में चकिया क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

दो चुनावों में लगातार जीत से बनाई राजनीतिक पहचान
1991 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद राजेश बहेलिया ने क्षेत्र की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। वर्ष 1993 में दोबारा चुनाव जीतना उनके राजनीतिक प्रभाव का महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया। इसके बाद भी वह क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे और पूर्व विधायक के रूप में उनकी पहचान बनी रही।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक का माहौल है। उनके राजनीतिक जीवन से जुड़े लोगों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंगरौर से चकिया तक शोक
राजेश बहेलिया के निधन की सूचना उनके पैतृक गांव मंगरौर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते ही लोग शोक व्यक्त करने पहुंचने लगे। स्थानीय लोगों ने कहा कि चकिया की राजनीति में उनका एक अलग स्थान रहा और उनके निधन से क्षेत्र ने पुराने राजनीतिक दौर से जुड़े एक महत्वपूर्ण व्यक्ति को खो दिया।
कल्याण सिंह से करीबी और सचेतक की भूमिका पर क्या है तथ्य?
राजेश बहेलिया के राजनीतिक जीवन को लेकर यह भी चर्चा होती रही है कि वह तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी नेताओं में शामिल थे तथा विधानसभा में सचेतक की भूमिका में रहे। हालांकि इन दोनों दावों की स्वतंत्र एवं पर्याप्त दस्तावेजी पुष्टि उपलब्ध न होने के कारण इन्हें इस खबर में पुष्ट तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा रहा है।

Khabari News Truth Mode: राजेश बहेलिया के 1991 और 1993 में चकिया से विधायक चुने जाने की जानकारी उपलब्ध समाचार अभिलेखों से पुष्ट है। अन्य राजनीतिक पदों अथवा वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत निकटता संबंधी दावों के लिए प्राथमिक/आधिकारिक दस्तावेज मिलने पर ही उन्हें निश्चित तथ्य के रूप में प्रकाशित किया जाना उचित होगा।
दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि। शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना।

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