निलंबन और मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर मुगलसराय थाने पहुंचे सरदार सेना और पटेल समाज के लोग
डीडीयू नगर, चंदौली। मुगलसराय कोतवाली के निर्वर्तमान थाना प्रभारी पर पूर्व सेना जवान के साथ कथित मारपीट के आरोपों का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से नाराज सरदार सेना के नेतृत्व में पटेल समाज के दर्जनों लोग सोमवार को मुगलसराय थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने निर्वर्तमान थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई, निलंबन और मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी।

प्रदर्शन के दौरान वर्तमान थाना प्रभारी और लिंक सीओ के रूप में मौके पर पहुंचे सीओ सदर के सामने लोगों ने अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस थाने में किसी व्यक्ति के साथ मारपीट का आरोप गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पाए जाने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़िता के पक्ष में पैरवी करने पहुंचे थे पूर्व सैनिक
बताया जा रहा है कि मामला उस समय का है जब पूर्व सेना जवान सुनील पटेल एक पीड़िता के पक्ष में पैरवी करने के लिए मुगलसराय थाने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान निर्वर्तमान थाना प्रभारी के साथ विवाद हुआ और उनके साथ कथित रूप से मारपीट की गई।
पूर्व सैनिक की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, मारपीट की घटना में उनकी नाक की हड्डी में चोट आई और वह घायल हो गए। घटना के बाद उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की। शिकायत के बाद मामला पुलिस विभाग के स्तर पर भी पहुंचा।
निर्वर्तमान थाना प्रभारी लाइन हाजिर, विभागीय जांच की बात
शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक स्तर से निर्वर्तमान थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किए जाने और विभागीय जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।

इधर, कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को सरदार सेना और पटेल समाज के लोगों ने थाने पहुंचकर विरोध जताया। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि मामले में केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
नवागत थाना प्रभारी के सामने जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान वर्तमान थाना प्रभारी भी थाने में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं। लिंक सीओ के रूप में पहुंचे सीओ सदर ने भी लोगों की बात सुनी और मामले को लेकर उनकी शिकायत तथा मांगों को जाना।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्तमान थाना प्रभारी की इस घटना में कोई भूमिका नहीं है, लेकिन पूर्व अधिकारी के कथित कृत्य को लेकर उत्पन्न नाराजगी का सामना अब नवागत थाना प्रभारी को करना पड़ रहा है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति
मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच, मेडिकल रिपोर्ट, संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकती है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले आरोपों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
फिलहाल पूर्व सैनिक के साथ कथित मारपीट का मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। सरदार सेना और पटेल समाज ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की है। अब निगाहें पुलिस विभाग की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।



















