डीडीयू नगर, चंदौली। मौसम के बिगड़ते मिजाज और लगातार बारिश की आहट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान फसलों को हुए भारी नुकसान की याद अभी भी किसानों के जेहन में ताजा है। शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के किसानों को आशंका है कि यदि इस वर्ष भी समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो एक बार फिर बड़ी मात्रा में फसल पानी की भेंट चढ़ सकती है। इसी चिंता को लेकर किसान विकास मंच ने प्रशासन और संबंधित विभागों से बाढ़ से पहले तैयारियां पूरी करने की मांग उठाई है।
मसोई गांव के उत्तर तरफ पहाड़पुर के पश्चिम जलजमाव वाले क्षेत्र में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। किसानों ने कहा कि क्षेत्र में जलनिकासी की व्यवस्था बाधित होने के कारण बारिश और बाढ़ के समय खेतों से पानी निकालना मुश्किल हो जाता है। इससे हजारों बीघे कृषि भूमि प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।

जाम ह्यूम पाइप उखाड़कर निकासी कराने की मांग
किसान विकास मंच के सलाहकार रजनीकांत सिंह ने शंकर रोड पर स्थित ह्यूम पाइप पुलिया का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिया में जाम पड़े एक ह्यूम पाइप को उखाड़कर जलनिकासी सुनिश्चित करने की दिशा में तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि पिछले वर्ष भी पाइप जाम होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हुई थी और खेतों में पानी लंबे समय तक जमा रहने से फसल को भारी नुकसान हुआ था।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मांग की कि जाम पाइप को हटाकर वहां पर्याप्त क्षमता वाली बड़ी ह्यूम पाइप लगाई जाए, जिससे बारिश और बाढ़ के दौरान पानी का प्रवाह बाधित न हो।
डेढ़ किलोमीटर लंबी नाली सफाई की मांग
किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं, खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष क्षत्रबली सिंह से जलनिकासी व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सिंचाई नाली खरपतवार, पेड़-पौधों और झाड़ियों से पट गई है। नाली की स्थिति ऐसी है कि पानी के सुचारु प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो सकती है। संगठन मंत्री ने नाली की जेसीबी से सफाई कराने की मांग की, ताकि बाढ़ अथवा सिंचाई के समय पानी की निकासी निर्बाध रूप से हो सके।

हजारों बीघे की खेती पर मंडरा रहा खतरा
किसान विकास मंच के पदाधिकारियों के अनुसार मंगरहां, नवतला, चहपुरवां, भोड़सर, भूसीं, मसोईं सहित आसपास के कई गांवों के खेतों का पानी इसी निकासी मार्ग से होकर निकलता है। ऐसे में यदि इस स्थान पर जलनिकासी बाधित होती है तो इसका सीधा असर बड़े कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान क्षेत्र में करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इस वर्ष किसान पहले से ही सतर्क हैं और चाहते हैं कि प्रशासन बारिश और बाढ़ आने का इंतजार करने के बजाय पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ले।

अधिकारियों को फोटो-वीडियो से कराया अवगत
किसान विकास मंच की ओर से जलनिकासी की समस्या से जिलाधिकारी चंदौली, लोक निर्माण विभाग, मुख्य विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष क्षत्रबली सिंह और एसडीएम चकिया को फोटो तथा वीडियो क्लिप के माध्यम से अवगत कराए जाने की बात कही गई है।
किसानों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर जाम ह्यूम पाइप को हटाने, बड़ी पाइप लगाने और सिंचाई नाली की सफाई का कार्य तत्काल शुरू कराएं। किसानों का कहना है कि बाढ़ आने के बाद राहत और बचाव की कवायद करने के बजाय पहले से निकासी व्यवस्था मजबूत करना अधिक प्रभावी होगा।
प्रदर्शन और जनजागरूकता कार्यक्रम में राम अवध सिंह, रजनीकांत सिंह, गौरी शंकर पाण्डेय, रंग बहादुर सिंह, सुधाकर पांडेय, सुधीर सिंह, मंटू सिंह, अर्जुन, अमित कुमार समेत अन्य लोग शामिल रहे। किसानों ने प्रशासन से अपील की कि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि इस वर्ष खेतों को जलभराव और बाढ़ की संभावित तबाही से बचाया जा सके।



















