राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया भूमि पूजन व शिलान्यास, ई-स्टाम्पिंग और ई-पंजीयन से आसान होगी प्रक्रिया
उप महानिरीक्षक निबंधन, सहायक महानिरीक्षक और उप निबंधक सदर कार्यालय होंगे एक ही भवन में; सोलर सिस्टम और वाटर हार्वेस्टिंग से भी होगा सुसज्जित
खबरी न्यूज। मीरजापुर। मीरजापुर में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जनपद मुख्यालय के ग्राम चन्दईपुर में 465.27 लाख रुपये की लागत से बनने वाले स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के नवीन भवन का रविवार को मा0 राज्यमंत्री स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग रवीन्द्र जायसवाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मा0 विधायक मड़िहान रमाशंकर सिंह पटेल, ब्लाक प्रमुख पहाड़ी इन्द्र बहादुर पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 विनोद कुमार सिंह सहित स्टाम्प विभाग के अधिकारी एवं अधिवक्तागण मौजूद रहे।

कलेक्ट्रेट के अलग-अलग कमरों से मिलेगी निजात
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों एवं प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि मीरजापुर का निबंधन कार्यालय लंबे समय से कलेक्ट्रेट के अलग-अलग कक्षों में संचालित होता रहा है। इसके कारण आम लोगों को रजिस्ट्री एवं अन्य निबंधन संबंधी कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि नवीन भवन के निर्माण के बाद जनता को एक ही छत के नीचे निबंधन संबंधी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश के प्रत्येक जनपद में निबंधन विभाग के अत्याधुनिक कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन्हें सम्मानजनक वातावरण में सरकारी सेवाओं का लाभ मिले।
एक दिन में रजिस्ट्री, ई-स्टाम्पिंग से पारदर्शिता
राज्यमंत्री ने कहा कि स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग सरकार के महत्वपूर्ण राजस्व विभागों में से एक है। निबंधन प्रक्रिया को लगातार ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री और बैनामा कराने के लिए लोगों को कई दिनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब व्यवस्था को सरल करते हुए एक दिन में रजिस्ट्री और बैनामा कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने ई-स्टाम्पिंग और ई-पंजीयन को जनता के लिए राहतकारी व्यवस्था बताते हुए कहा कि नए भवन के निर्माण से मीरजापुर में भी लोगों को बेहतर वातावरण में निबंधन सेवाएं मिलेंगी। भवन में एयर कंडीशन हाल की व्यवस्था होगी, जिससे रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को बैठने और इंतजार करने में सुविधा मिलेगी।

465.27 लाख की लागत से बनेगा आधुनिक भवन
उप महानिरीक्षक निबंधन ने बताया कि नवीन भवन के निर्माण के लिए कुल 465.27 लाख रुपये की स्वीकृत लागत निर्धारित है। इसमें से अब तक 232.64 लाख रुपये शासन द्वारा कार्यदायी संस्था सी0एण्ड0डी0एस0 को अवमुक्त किए जा चुके हैं। भवन के निर्माण की निर्धारित पूर्णता तिथि 31 अक्टूबर 2027 है।
नवीन भवन में उप निबंधक सदर, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, उप महानिरीक्षक निबंधन तथा केन्द्रीय अभिलेखागार के कार्यालय संचालित होंगे। उप निबंधक सदर एवं केन्द्रीय अभिलेखागार जी-भूतल पर, जबकि सहायक महानिरीक्षक निबंधन एवं उप महानिरीक्षक निबंधन के कार्यालय जी+01 तल पर बनाए जाएंगे।

लिफ्ट, पार्किंग से लेकर सोलर सिस्टम तक की सुविधा
आधुनिक भवन को केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें टॉयलेट, कैंटीन, पार्किंग, सीसी रोड, बाउंड्रीवाल, गेट और लिफ्ट की सुविधा भी होगी। इसके साथ ही भवन को 10 केवीए सोलर सिस्टम और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से भी सुसज्जित किया जाएगा।
शिलान्यास के दौरान राज्यमंत्री ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि तैयार होने के बाद यह भवन लंबे समय तक जनता और विभाग के लिए उपयोगी साबित हो।
नवीन भवन के तैयार होने के बाद मीरजापुर में निबंधन संबंधी कार्यों को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की उम्मीद है। खासकर रजिस्ट्री कराने आने वाले आम नागरिकों को एक ही परिसर में बेहतर सुविधाएं मिलने से भागदौड़ कम होने की संभावना है।
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