कलमकारों की महापंचायत में बना बड़ा प्लान!
के.सी. श्रीवास्तव एडवोकेट ने रखी नई कार्ययोजना, डॉ. परशुराम सिंह बोले— “जब पत्रकार जागता है तो समाज बदलता है”
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क | एक्सक्लूसिव रिपोर्ट | चंदौली। कभी-कभी कुछ बैठकें सिर्फ बैठक नहीं होतीं, बल्कि भविष्य की पटकथा लिखती हैं। मंगलवार को चंदौली के आलोक इंटर कॉलेज में आयोजित मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया की मासिक बैठक कुछ ऐसी ही कहानी कह गई। मंच पर औपचारिकताएं थीं, लेकिन पर्दे के पीछे संगठन के विस्तार, पत्रकार हितों की लड़ाई और समाज के लिए बड़े अभियानों की रणनीति आकार ले रही थी।
मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुई बैठक धीरे-धीरे ऐसे विमर्श में बदल गई, जिसने उपस्थित पत्रकारों को नई ऊर्जा और नई दिशा देने का काम किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों के बीच एक ही चर्चा थी— “अब संगठन केवल नाम का नहीं, काम का बनेगा।”

चकिया में इतिहास का स्वर्णिम अध्याय—Media Trust of India व खबरी न्यूज का Annual Day Celebration
बैठक का सबसे बड़ा संदेश : अब सिर्फ खबर नहीं, बदलाव की तैयारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और पर्यावरण योद्धा डॉ. परशुराम सिंह ने जब माइक संभाला तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की आत्मा है और मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया जैसे संगठन समाज और व्यवस्था के बीच मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आज देश को ऐसी पत्रकारिता की जरूरत है जो सत्ता से सवाल पूछे, समाज को जागरूक करे और वंचितों की आवाज बने। मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सदस्य जिस निष्ठा से जनसेवा कर रहे हैं, वह प्रेरणादायक है।”
उनका यह बयान बैठक का सबसे चर्चित संदेश बन गया।
के.सी. श्रीवास्तव का विजन : संगठन को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी
बैठक का सबसे प्रभावशाली और दूरगामी संबोधन संगठन के सचिव के.सी. श्रीवास्तव एडवोकेट का रहा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज निर्माण का सबसे शक्तिशाली हथियार है।

उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में संगठन कई विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इनमें पत्रकार सम्मान समारोह, युवा पत्रकार प्रशिक्षण शिविर, पर्यावरण जागरूकता अभियान, सामाजिक सरोकारों पर संगोष्ठियां तथा पत्रकार हितों से जुड़े विशेष आयोजन शामिल हो सकते हैं।
के.सी. श्रीवास्तव ने कहा, “संगठन की असली ताकत पदाधिकारी नहीं, बल्कि उसके सक्रिय सदस्य होते हैं। यदि हम सब एकजुट होकर काम करें तो मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया जिले में पत्रकारिता की नई पहचान स्थापित कर सकता है।”

उनके संबोधन के दौरान कई बार तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी, जिसने यह संकेत दिया कि संगठन की नई कार्ययोजना को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
क्या कुछ बड़ा होने वाला है? बैठक में मिले कई संकेत
सूत्रों की मानें तो बैठक में आगामी महीनों के लिए कुछ विशेष कार्यक्रमों को लेकर प्रारंभिक सहमति बनी है। पत्रकार सुरक्षा, पत्रकार कल्याण, समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर बड़े स्तर के आयोजन की चर्चा हुई।
हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से बैठक में उत्साह दिखाई दिया, उससे साफ है कि मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया आने वाले समय में केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा।

जिलाध्यक्ष ने दिया संगठन विस्तार का मंत्र
जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब प्रत्येक सदस्य उसकी जिम्मेदारी को अपना दायित्व समझे। उन्होंने नए सदस्यों को जोड़ने और संगठन की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
ये रहे बैठक के प्रमुख चेहरे
बैठक में जिला महामंत्री मिथलेश गुप्ता, शिव प्रकाश गुप्ता, कोषाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, रामयश चौबे, चकिया तहसील अध्यक्ष विनय राय, डॉ. अनिल उपाध्याय, डॉ. अभिषेक उपाध्याय, सुधांशु जायसवाल, अजय उर्फ शिवजी, अजय कुमार मिश्रा, संजना सिंह, राजकमल प्रजापति, विनय पाण्डेय राहुल, विनोद कुमार श्रीवास्तव, अंजनी नंदन पाण्डेय, विनोद मिश्रा, महेन्द्र, सवरू, चन्द्रशेखर, राहुल, मुख्तार शेख सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

अंत में जो हुआ, वही बना सबसे बड़ा संदेश
कार्यक्रम के समापन पर पत्रकारों को परिचय पत्र वितरित किए गए। यह सिर्फ एक कार्ड वितरण नहीं था, बल्कि संगठन के प्रति विश्वास, पहचान और एक नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।
वेव पोर्टल की पड़ताल
बैठक खत्म हो गई, कुर्सियां खाली हो गईं, लेकिन एक सवाल अभी भी हवा में तैर रहा है—
क्या मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया चंदौली में पत्रकारों और समाज के लिए कोई बड़ा आंदोलन, बड़ा अभियान या बड़ा आयोजन शुरू करने जा रहा है?
बैठक में दिखा उत्साह, मंच से दिए गए संकेत और भविष्य की बनी रूपरेखा यही कहती है—
“यह सिर्फ शुरुआत है… असली कहानी अभी बाकी है!”






















