बीडीसी सदस्य भगवानदास यादव ने पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी

???? सुबह की शांति टूटी चीख़ों से…
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क
सकलडीहा (चंदौली) – मंगलवार की सुबह बथावर गांव के लोग जैसे ही रोज़ की तरह खेत-खलिहानों की ओर निकलने की तैयारी कर रहे थे, अचानक गाँव की गलियों में सनसनी फैल गई।
“भगवानदास ने अपनी पत्नी को मार डाला…” यह ख़बर आग की तरह फैली और पूरा गांव दहल उठा।

गाँव वालों ने बताया कि जिस महिला की कभी घर-आँगन हँसी से गूंजता था, आज वही खून से लथपथ ज़मीन पर पड़ी थी।
भगवानदास यादव, जो मौजूदा बीडीसी सदस्य है, ने कथित तौर पर पत्नी के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी जान ले ली।
☎️ पुलिस को खुद दी सूचना… फिर गायब हो गया
हत्या करने के बाद आरोपी ने अजीबोगरीब कदम उठाया।
उसने स्वयं थाने में फोन कर कहा –
“मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है… आकर देख लो।”
लेकिन जब तक पुलिस टीम मौके पर पहुँची, वह फरार हो चुका था।
सीओ सकलडीहा स्नेहा तिवारी और थानाध्यक्ष भारी पुलिस बल के साथ गाँव पहुँचे।
घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण हुआ।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पूरे गांव में सन्नाटा छा गया।




???? भगवानदास – राजनीति के चेहरे पर अपराध की परछाई
यह कोई सामान्य इंसान नहीं… मौजूदा बीडीसी सदस्य है।
लेकिन अपराध की दुनिया से इसका रिश्ता बहुत पुराना है।
???? साल 2014 – सकलडीहा पीजी कॉलेज के छात्र नेता बबलू पर गोली चलाने का आरोपी।
???? कई बार लूट और अपराधी गतिविधियों में संलिप्त।
???? हाल ही में जेल से बाहर आए अपराधियों के साथ मिलकर इलाके में वसूली का खेल।

गाँव वालों का कहना है कि
“भगवानदास का असली चेहरा अब सबके सामने है… राजनीति की आड़ में अपराध का साम्राज्य खड़ा कर रखा था।”
???? गाँव में दहशत, परिवारों में मातम
हत्या की ख़बर मिलते ही महिलाएँ और बच्चे रोने लगे।
गाँव का माहौल मातम में बदल गया।
हर गली में सिर्फ़ यही चर्चा –
“कैसे एक पति अपनी पत्नी का गला यूँ काट सकता है?”
लोग कहते हैं –
???? पारिवारिक विवाद तो बहुतों के घरों में होता है… लेकिन हत्या?
???? क्या राजनीति ने इंसान से इंसानियत छीन ली?
???? क्या गाँव अपराधियों के लिए अड्डा बन चुका है?
⚖️ पुलिस की चुप्पी और जनता का गुस्सा
पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है।
लेकिन जनता इसे साधारण विवाद नहीं मान रही।
लोगों का सवाल है –
“अगर भगवानदास पहले से अपराधी था तो पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की?”
“क्या राजनीति के दबाव में उसे छूट मिलती रही?”
???? सोशल मीडिया पर गुस्सा
घटना जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
???? “बीजेपी-समाजवादी-बसपा – सबको ऐसे अपराधियों से दूर रहना चाहिए।”
???? “पब्लिक के पैसे से चुने गए प्रतिनिधि अगर खून खराबा करेंगे तो सुरक्षा किससे मिलेगी?”
???? “भगवानदास जैसे नेताओं का राजनीति से सफाया होना चाहिए।”
???? पत्नी का अधूरा सपना…
गाँव की औरतें सिसकते हुए कहती हैं –
“बेचारी कितनी सीधी थी… बच्चों के लिए जीती थी।”
लेकिन उसके सपने अधूरे रह गए।
घर का चूल्हा बुझ गया।
बच्चे अनाथ हो गए।
????️♀️ सस्पेंस और थ्रिल – पुलिस की दबिश
घटना के बाद कई थानों की पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
कहीं पुलिस छापा मार रही है, कहीं मुखबिरों से सुराग इकट्ठा किए जा रहे हैं।
लेकिन बड़ा सवाल यह है –
???? भगवानदास कहां छिपा है?
???? क्या वह किसी अपराधी गिरोह की शरण में चला गया है?
???? या फिर सीमा पार कर चुका है?
गाँव की गलियों में कानाफूसी –
“भगवानदास को पकड़ना आसान नहीं… उसके पास पैसा और पहुँच दोनों है।”


???? जनता की माँग
- आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी।
- उसकी सम्पत्ति की जाँच।
- अपराधी पृष्ठभूमि की पूरी तहकीकात।
- राजनीति से ऐसे लोगों का स्थायी निष्कासन।

???? Khabari News की एडिटोरियल टिप्पणी
एडिटर-इन-चीफ के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट) का कहना है –
???? “यह सिर्फ़ एक हत्या नहीं है… यह हमारी व्यवस्था पर सवाल है।”
???? “कैसे एक अपराधी राजनीति की कुर्सी तक पहुँच जाता है?”
???? “जब तक राजनीति से अपराधियों को बाहर नहीं किया जाएगा, ऐसे खून-खराबे रुकने वाले नहीं।”
⚡ निष्कर्ष
सकलडीहा का बथावर गाँव आज खून के आँसुओं में डूबा है।
एक पति ने पत्नी को यूँ बेरहमी से मार डाला कि पूरा गांव दहशत में है।
पुलिस दबिश दे रही है, लेकिन जब तक भगवानदास की गिरफ्तारी नहीं होगी,
तब तक जनता का गुस्सा शांत होने वाला नहीं।
यह घटना सिर्फ़ पारिवारिक विवाद नहीं…
बल्कि राजनीति और अपराध के घिनौने गठजोड़ का काला चेहरा है।
???? #KhabariNews का यह संकल्प है कि
हम हर उस सच को उजागर करेंगे,
जिससे अपराधी तंत्र और सड़ी-गली राजनीति का चेहरा बेनकाब हो।






















