खबरी न्यूज | चकिया तहसील में बड़ा भूचाल! तहसीलदार देवेन्द्र की रिपोर्ट पर SDM का बड़ा एक्शन, दो लेखपाल निलंबित, विभाग में मचा हड़कंप
लेखपाल दिनेश कुमार और अखिलेश कुमार पर गिरी गाज, न्यायालयीय मामलों में लापरवाही, राजस्व अभिलेखों में कथित अनियमितता और कार्यशैली पर उठे सवाल
तहसीलदार देवेन्द्र कुमार की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद SDM चकिया विकास मित्तल ने की कार्रवाई, कई अन्य कर्मचारियों पर भी लटक रही जांच की तलवार
चंदौली/चकिया। चकिया तहसील में वर्षों बाद ऐसा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है जिसने पूरे राजस्व महकमे को झकझोर कर रख दिया है। तहसीलदार देवेन्द्र कुमार की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी (SDM) चकिया ने दो लेखपालों दिनेश Kumar और अखिलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा और विभागीय गलियारों में हड़कंप मचा रहा।
सूत्रों के अनुसार दोनों लेखपालों के विरुद्ध विभिन्न राजस्व एवं न्यायालयीय प्रकरणों में कार्यों के निष्पादन, अभिलेखीय प्रक्रियाओं और विभागीय जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं। मामले की तह तक जाने के लिए तहसीलदार देवेन्द्र कुमार द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर SDM को सौंपी गई थी। रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर गंभीर प्रश्न उठाए गए थे, जिसके बाद प्रशासन ने कठोर कदम उठाने का फैसला लिया।

तहसीलदार की रिपोर्ट बनी कार्रवाई का आधार
बताया जा रहा है कि तहसीलदार द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में कई मामलों का उल्लेख किया गया था, जिनमें न्यायालय से जुड़े प्रकरण, राजस्व अभिलेखों का रखरखाव, सरकारी कार्यों में कथित लापरवाही तथा प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन से जुड़े मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए SDM ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल औपचारिक नहीं है बल्कि इसके पीछे विस्तृत दस्तावेजी परीक्षण और जांच प्रक्रिया रही है। यही वजह है कि आदेश जारी होते ही पूरे विभाग में इसकी चर्चा शुरू हो गई।
दोनों लेखपालों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू
निलंबन के साथ-साथ दोनों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। जांच अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में आरोपों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान संबंधित कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं तो आगे और भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है। शासन की मंशा के अनुरूप दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
तहसील में बढ़ी बेचैनी, कई और नाम चर्चा में
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि यह केवल शुरुआत हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक कुछ अन्य मामलों की भी जांच चल रही है और कई कर्मचारियों की कार्यशैली प्रशासन के रडार पर है। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों या कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

तहसील परिसर में चर्चा है कि यदि चल रही जांचों में अनियमितताएं सामने आती हैं तो कई और नामों पर भी गाज गिर सकती है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी किसी अन्य कर्मचारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
SDM का सख्त संदेश— लापरवाही बर्दाश्त नहीं
उपजिलाधिकारी की इस कार्रवाई को शासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति से जोड़कर देखा जा रहा है। संदेश साफ है कि राजस्व विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है।
जनता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अब पहले से अधिक सक्रिय नजर आ रहा है। यही कारण है कि चकिया तहसील में हुई यह कार्रवाई पूरे जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है।
खबरी न्यूज की नजर बनी रहेगी
दो लेखपालों के निलंबन के बाद अब सबकी निगाहें विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या यह कार्रवाई केवल दो कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या जांच का दायरा और बढ़ेगा? क्या आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम सामने आएंगे? इन सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट के बाद ही मिलेगा।
फिलहाल इतना तय है कि तहसीलदार देवेन्द्र कुमार की रिपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई ने चकिया तहसील में प्रशासनिक जवाबदेही का नया संदेश दिया है और विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
— खबरी न्यूज
संपादक: के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)





















