Khabari News चंदौली। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बलुआ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। चहनियां बाजार में राहगीर को पिस्टल दिखाकर मोबाइल और नगदी लूटने वाले गिरोह का पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। आरोपियों के कब्जे से लूट में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, अवैध हथियार, कारतूस, लूटा गया मोबाइल फोन और नगदी भी बरामद की गई है।
यह कार्रवाई चंदौली पुलिस की अपराधियों के विरुद्ध सख्त नीति और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी पहले से भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं और इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।

चहनियां बाजार में दिनदहाड़े हुई थी लूट
मामला 3 जून 2026 का है। मिश्रपुरा गांव निवासी गोविंद मिश्रा किसी निजी कार्य से चहनियां बाजार गए हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे जब वह बाजार की एक गली के पास पहुंचे, तभी एक पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया।
पीड़ित के अनुसार बदमाशों ने उनके ऊपर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी देते हुए उनका वीवो मोबाइल फोन तथा जेब में रखे 3200 रुपये छीन लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित ने थाना बलुआ पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी और मुखबिर बने पुलिस की ताकत
Chahaniya Market Robbery Case की जांच के दौरान पुलिस ने बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान कर ली गई। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आए हुए हैं और भोर में क्षेत्र छोड़कर भागने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही बलुआ पुलिस ने वाराणसी-बलुआ मार्ग पर विशेष चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।

पुलिस को देखकर भागे आरोपी
पुलिस टीम ने जैसे ही संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया, आरोपी तेजी से भागने लगे। पीछा करने के दौरान उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई।
पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान उपनिरीक्षक जमीलुद्दीन खान के बाएं हाथ में गोली लग गई।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी अनुपम पाण्डेय उर्फ गोलू के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। वहीं दूसरे आरोपी आकाश कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
हथियार और लूटा गया सामान बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण बरामदगियां मिलीं।
पुलिस ने उनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल, एक अवैध .315 बोर का तमंचा, कारतूस, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल, लूटा गया मोबाइल फोन तथा 2500 रुपये नकद बरामद किए।
बरामद सामान से यह स्पष्ट हो गया कि दोनों आरोपी लूट की घटना में सीधे तौर पर शामिल थे।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें पहला आरोपी अनुपम पाण्डेय उर्फ गोलू है, जो धानापुर थाना क्षेत्र के अटौली गांव का निवासी है।
दूसरा आरोपी आकाश कुमार है, जो बलुआ थाना क्षेत्र के महुअर गांव का रहने वाला है।
दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस उनके अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है।
पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी अनुपम पाण्डेय का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। उसके खिलाफ वाहन चोरी, धोखाधड़ी, आयुध अधिनियम तथा अन्य गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं आकाश कुमार के खिलाफ भी चोरी और अवैध हथियार रखने के मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि दोनों आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय थे और क्षेत्र में दहशत फैलाने का काम कर रहे थे।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे मामले के सफल अनावरण में थानाध्यक्ष बलुआ अरुण प्रताप सिंह और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने कुछ ही दिनों के भीतर घटना का खुलासा कर दिया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश
Chahaniya Market Robbery Case के खुलासे ने यह संदेश दिया है कि अपराध करने के बाद बच निकलना अब आसान नहीं है। आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी और सक्रिय पुलिसिंग के कारण अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं घायल आरोपी का उपचार पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपियों का संबंध किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से तो नहीं है।



















