चंदौली में ओवरलोड वाहनों पर टास्क फोर्स का बड़ा एक्शन, 53 वाहन सीज; 1 जुलाई से अवैध स्कूली बसों पर होगी सख्त कार्रवाई
चंदौली। जनपद में ओवरलोडिंग, अवैध खनन और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में गठित संयुक्त टास्क फोर्स ने जून माह में व्यापक अभियान चलाते हुए ओवरलोड वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी 1 जुलाई 2026 से बिना वैध दस्तावेजों के संचालित होने वाले स्कूली वाहनों पर विशेष महाअभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। अधिकारियों का कहना है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

जून में हुई रिकॉर्ड कार्रवाई
जिलाधिकारी द्वारा गठित संयुक्त टास्क फोर्स, जिसमें परिवहन विभाग, खनन विभाग, पुलिस, सेल टैक्स तथा प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे, ने पूरे जून माह में विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. सर्वेश गौतम तथा यात्री एवं मालकर अधिकारी सुश्री अनीता वर्मा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान 75 ओवरलोड वाहनों का चालान किया गया, जबकि 53 वाहनों को सीज कर विभिन्न थानों में खड़ा कराया गया।
इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप प्रशासन ने अब तक लगभग 50.63 लाख रुपये का प्रशमन शुल्क (जुर्माना) सरकारी कोष में जमा कराया है। अधिकारियों के अनुसार यह हाल के महीनों की सबसे प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई मानी जा रही है।
115 चालकों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति
केवल चालान और सीज की कार्रवाई तक ही प्रशासन नहीं रुका। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जून माह में अब तक 115 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित करने तथा 90 वाहनों के परमिट निरस्त करने की संस्तुति की जा चुकी है।
प्रशासन का कहना है कि ओवरलोड वाहन न केवल सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं, बल्कि सड़क और पुलों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में भविष्य में भी लगातार अभियान जारी रहेगा।

1 जुलाई से स्कूली वाहनों की होगी विशेष जांच
जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1 जुलाई से विशेष स्कूल वाहन चेकिंग अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत जिले के सभी निजी एवं विद्यालय संचालित वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), रजिस्ट्रेशन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी।
यदि कोई स्कूल बस या अन्य वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित होता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रबंधन पर सीधे दर्ज होगी एफआईआर
जिलाधिकारी के निर्देश पर परिवहन विभाग ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई विद्यालय बिना वैध कागजातों वाले वाहनों का संचालन करता हुआ पाया जाता है तो केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ भी सीधे एफआईआर दर्ज की जाए।
प्रशासन ने इसे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बिना फिटनेस वाले वाहन होंगे स्क्रैप
इस बार प्रशासन ने और भी कड़ा रुख अपनाया है। जिन स्कूली वाहनों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध रजिस्ट्रेशन अथवा अन्य अनिवार्य दस्तावेज नहीं होंगे, उन्हें जब्त कर रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) के माध्यम से स्क्रैप किए जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसके अलावा लंबे समय से नियमों का पालन न करने वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई, जिसमें आवश्यक होने पर मान्यता संबंधी प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।
अभिभावकों और विद्यालयों से अपील
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सर्वेश गौतम ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल अधिकृत एवं सुरक्षित स्कूल वाहनों से ही विद्यालय भेजें। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस और वैध दस्तावेजों वाले वाहनों में बच्चों को भेजना उनकी सुरक्षा के साथ समझौता करने जैसा है।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों से भी कहा कि वे समय रहते अपने सभी वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, बीमा और परमिट को अद्यतन करा लें। अभियान शुरू होने के बाद किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर
जिला प्रशासन का कहना है कि उसका लक्ष्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि जनपद में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में ओवरलोडिंग, अवैध परिवहन और बिना दस्तावेज संचालित वाहनों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।


















