3 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक : Chandauli Pulse Polio Campaign 2026
Khabari News चंदौली। जनपद को पोलियो मुक्त बनाए रखने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। रविवार, 28 जून 2026 को आयोजित होने वाले पल्स पोलियो अभियान के तहत जिले के शून्य से पांच वर्ष तक के तीन लाख से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय है। शनिवार को अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाली गई विशाल रैली को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सदर ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) चंदौली से शुरू हुई जागरूकता रैली कचहरी परिसर तक पहुंची और वहां से वापस पीएचसी पर समाप्त हुई। रैली में यथार्थ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, झांसी के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां और ‘दो बूंद जिंदगी की’ के नारों के साथ निकली रैली ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से ईंट-भट्ठों, मलिन बस्तियों, प्रवासी मजदूरों के परिवारों तथा दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक टीमों की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि चंदौली का पोलियो उन्मूलन अभियान में अब तक का रिकॉर्ड सराहनीय रहा है, लेकिन सफलता को बनाए रखने के लिए निरंतर सतर्कता और सक्रियता आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाने की अपील की।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा ने बताया कि इस बार जिले में कुल 3,07,618 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरे जनपद में 976 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 38 ट्रांजिट टीमें और 18 मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि यात्रा कर रहे या विशेष परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को भी दवा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने बताया कि बूथ दिवस के बाद सोमवार से शुक्रवार तक 616 घर-घर टीमें उन बच्चों तक पहुंचेंगी जो किसी कारणवश बूथों पर नहीं आ पाएंगे। प्रत्येक टीम को अधिकतम बच्चों को बूथ पर ही दवा पिलाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें घर जाकर पोलियो की खुराक दी जाएगी।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अभी भी पोलियो की दवा को लेकर लोगों में हिचकिचाहट देखी जाती है। ऐसे क्षेत्रों में विशेष रणनीति बनाई गई है। नियामताबाद ब्लॉक के दुलहीपुर, रेमा और नई बस्ती जैसे इलाकों में स्वास्थ्य विभाग स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और समाज के प्रभावशाली लोगों की मदद से लोगों को जागरूक करेगा ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमित दूबे ने बताया कि इस अभियान में बायोवैलेंट ओरल पोलियो वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा। अभियान से जुड़े सभी स्वास्थ्यकर्मियों, पर्यवेक्षकों और चिकित्सा अधिकारियों का प्रशिक्षण पहले ही पूरा कराया जा चुका है, जिससे अभियान को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की टीमें भी लगातार क्षेत्र भ्रमण करेंगी। प्रतिदिन शाम को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित होगी, जिसमें पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 जून को अपने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य ले जाएं। यदि किसी कारणवश बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है तो घर-घर आने वाली स्वास्थ्य टीम को अवश्य सहयोग करें। विभाग का कहना है कि पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर पोलियो की खुराक पिलाना है और यही बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. ए.के. दूबे, डब्ल्यूएचओ एवं यूनिसेफ के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


















