Chandauli Road Accident : चकिया-चंदौली मार्ग पर मौत का तांडव: तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने युवक को कुचला,
बोदारा खुर्द के पास दिल दहला देने वाला हादसा, मोबाइल और बाइक से हुई मृतक की पहचान
खबर सुनते ही परिवार में मचा कोहराम, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
Khabari News Road Accident : चंदौली जनपद के थाना चकिया क्षेत्र अंतर्गत बोदारा खुर्द गांव के पास रविवार को एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसने राहगीरों की रूह तक कंपा दी। चकिया-चंदौली मार्ग पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को इतनी बेरहमी से कुचल दिया कि मौके का दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। हादसे के बाद चालक वाहन सहित फरार हो गया, जबकि सड़क पर बिखरे पड़े थे एक युवा जिंदगी के टूटे हुए सपने।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान चंद्रमा पुत्र बिहारी लाल उम्र लगभग 27 वर्ष निवासी नरसिंहपुर कला थाना शहाबगंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक किसी कार्य से चकिया से अपने घर नरसिंघ पुर की तरफ जा रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
दुर्घटना के मुताबिक हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर दूर तक खून के निशान और क्षतिग्रस्त बाइक देखकर हर कोई सहम उठा। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
घटना स्थल के पास पुलिस को मृतक की बाइक UP 67 AN 9066 और मोबाईल फोन बरामद हुआ। मोबाईल के जरिए पुलिस ने मृतक के परिजनों से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। जैसे ही परिवार वालों को हादसे की सूचना मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
सूचना मिलते ही थाना चकिया और शहाबगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चकिया-चंदौली मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार वाहनों का कहर देखने को मिलता है। सड़क पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार लगातार लोगों की जान ले रही है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। लोगों ने प्रशासन से मार्ग पर सख्त निगरानी, स्पीड कंट्रोल और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।
खबरी न्यूज का नजरिया
एक बार फिर तेज रफ्तार ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सड़कें अब सफर से ज्यादा खौफ का प्रतीक बनती जा रही हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग सड़क पर यूं ही मौत का शिकार होते रहेंगे? प्रशासन को केवल कार्रवाई का दावा नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि किसी और घर का चिराग इस तरह सड़क पर बुझने से बच सके।



















