भीषण गर्मी के बीच चंदौली में एक ऐसी जगह रही जहां न तनाव था, न पढ़ाई का दबाव… बस थी बच्चों की खिलखिलाहट, संगीत की धुन और खुशियों का शोर। बिशुनपुरा कांटा स्थित डैडीज़ International School & Hostel में शुरू हुए तीन दिवसीय समर कैंप ने पहले ही दिन ऐसा रंग जमाया कि पूरा इलाका इसकी चर्चा करने लगा। स्कूल परिसर में सुबह से शाम तक बच्चों की ऊर्जा और उत्साह ने माहौल को किसी बड़े फेस्टिवल में बदल दिया।
सुबह सात बजे जैसे ही योग सत्र शुरू हुआ, छोटे-छोटे बच्चे पूरे अनुशासन के साथ योगासन करते दिखाई दिए। गर्मी के मौसम में भी बच्चों का जोश देखने लायक था। योग प्रशिक्षकों ने बच्चों को फिटनेस, अनुशासन और मानसिक शांति का महत्व बताया। लेकिन असली धमाल तो उसके बाद शुरू हुआ, जब पूरे कैंपस में म्यूजिक बजा और बच्चों ने डांस फ्लोर पर कब्जा जमा लिया।
कोई बॉलीवुड गानों पर झूम रहा था तो कोई दोस्तों के साथ ग्रुप डांस में मस्ती कर रहा था। नन्हे बच्चों की मासूम अदाएं और चेहरे की चमक देखकर अभिभावक भी भावुक हो उठे। हर तरफ मोबाइल कैमरे ऑन थे और बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा दिखा रहे थे।
कक्षा 4 से 6 तक के बच्चों के लिए आयोजित “मिकी माउस एक्टिविटी” पूरे कैंप का सबसे बड़ा आकर्षण बनी रही। बच्चों ने खेल-खेल में जो उत्साह दिखाया, उसने हर किसी का दिल जीत लिया। मिकी माउस थीम के बीच बच्चों की हंसी पूरे कैंपस में गूंजती रही। ऐसा लग रहा था मानो बचपन अपनी पूरी मासूमियत के साथ मैदान में उतर आया हो।
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वहीं “जंपिंग एक्टिविटी” में बच्चों की एनर्जी देखने लायक रही। बच्चे लगातार एक-दूसरे को चुनौती देते नजर आए। कोई सबसे ऊंची छलांग लगाने में जुटा था तो कोई अपनी टीम को जिताने में लगा था। यहां जीत से ज्यादा खुशी और सहभागिता मायने रख रही थी।
कक्षा 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए “कैमल एक्टिविटी” रोमांच का नया अनुभव लेकर आई। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। कई बच्चे पहली बार ऐसी एक्टिविटी का हिस्सा बने थे। खेल-खेल में बच्चों ने टीमवर्क, संतुलन और आत्मविश्वास की सीख भी ली।
सीनियर छात्रों के लिए आयोजित मूवी शो भी खास रहा। यह केवल मनोरंजन नहीं था बल्कि बच्चों को जिंदगी के अहम मूल्यों से जोड़ने की कोशिश भी थी। फिल्म के जरिए दोस्ती, संघर्ष, मेहनत और टीम भावना का संदेश दिया गया। मूवी खत्म होने के बाद कई बच्चे चर्चा करते नजर आए कि उन्होंने इस एक्टिविटी से बहुत कुछ नया सीखा।
लेकिन इस पूरे समर कैंप की सबसे खूबसूरत तस्वीर वह रही जब शिक्षक भी बच्चों के साथ पूरी मस्ती में शामिल हो गए। कहीं शिक्षक बच्चों के साथ डांस कर रहे थे तो कहीं तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ा रहे थे। स्कूल का माहौल बिल्कुल परिवार जैसा दिखाई दे रहा था। बच्चों और शिक्षकों के बीच यह अपनापन पूरे कैंप की जान बन गया।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि समर कैंप का मकसद सिर्फ बच्चों का मनोरंजन करना नहीं बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को बाहर लाना है। पढ़ाई के दबाव और डिजिटल दुनिया के बीच ऐसे कैंप बच्चों को खुलकर जीने और खुद को पहचानने का मौका देते हैं।
डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल की सबसे बड़ी खासियत इसकी सांस्कृतिक विविधता है। यहां उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। यही वजह है कि स्कूल का वातावरण किसी “मिनी इंडिया” जैसा महसूस होता है। अलग-अलग भाषाएं, खानपान और परंपराओं के बीच बच्चे एक-दूसरे को समझते और अपनाते हैं। समर कैंप के दौरान यह खूबसूरत तस्वीर और भी मजबूत दिखाई दी।
पहले दिन की सफलता के बाद अब बच्चों में अगले दो दिनों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हर बच्चा नई एक्टिविटी और नए अनुभव का इंतजार कर रहा है। पूरे स्कूल परिसर में बच्चों की मुस्कान और पॉजिटिव एनर्जी यह साबित कर रही थी कि अगर शिक्षा में आनंद जोड़ दिया जाए तो स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं बल्कि सपनों को उड़ान देने वाला मंच बन जाता है।
चंदौली में आयोजित यह समर कैंप अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। अभिभावक विद्यालय की इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां बच्चे मोबाइल और इंटरनेट तक सीमित होते जा रहे हैं, वहां ऐसे आयोजन उन्हें जिंदगी को असली मायनों में जीना सिखाते हैं।
डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल का यह समर कैंप अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि चंदौली में बच्चों की खुशियों का सबसे बड़ा उत्सव बन चुका है।
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