Fake Death Certificate Land Grab: मां को मृत दिखाकर बेटे ने हड़पी जमीन, न्याय के लिए भटक रहा परिवार
Khabari News Chandauli। जनपद के अलीनगर बलुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत जमालपुर (महमदपुर) गांव से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कलियुगी बेटे पर अपनी ही मां को कागजों में मृत घोषित कर जमीन हड़पने का आरोप लगा है। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने दो छोटे भाइयों का नाम भी कथित रूप से कुटुंब रजिस्टर से गायब करा दिया। मामले का खुलासा होने के बाद पीड़ित परिवार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है।
पीड़िता इंद्रावती देवी ने पुलिस अधीक्षक चंदौली को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके बड़े पुत्र अनिल कुमार ने क्षेत्रीय लेखपाल अशोक कुमार और ग्राम प्रधान ज्ञानी सिंह के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें कागजों में मृत घोषित कर दिया गया और पैतृक जमीन अपने नाम दर्ज करा ली गई।

पीड़िता के अनुसार उनके पति रामजन्म की मृत्यु 16 मार्च 2020 को इलाज के दौरान हो गई थी। उनके तीन पुत्र हैं — अनिल कुमार, राय साहब और मुन्ना। पति की मृत्यु के बाद परिवार की संपत्ति तीनों बेटों और मां के हिस्से में थी। आरोप है कि बड़े बेटे अनिल कुमार ने संपत्ति पर अकेले कब्जा करने की नीयत से फर्जीवाड़ा किया।
इंद्रावती देवी ने बताया कि आरोपी ने कुटुंब परिवार रजिस्टर की गलत नकल तैयार करवाई और ग्राम प्रधान से झूठा हलफनामा बनवाया। इन फर्जी दस्तावेजों को तहसीलदार न्यायिक के समक्ष प्रस्तुत कर उन्हें मृत घोषित करवा दिया गया। इसके साथ ही उनके दो अन्य पुत्रों राय साहब और मुन्ना का नाम भी कुटुंब रजिस्टर से हटवा दिया गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 9 जनवरी 2025 को इंद्रावती देवी किसी कार्य से खंड विकास कार्यालय पहुंचीं। वहां उन्होंने जब परिवार रजिस्टर की जानकारी ली तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शाया गया है। यह जानकर वह हैरान रह गईं। जांच करने पर पता चला कि जमीन हड़पने के उद्देश्य से यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस कार्य में स्थानीय स्तर पर कुछ अधिकारियों और ग्राम प्रधान की मिलीभगत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बिना जांच-पड़ताल के सरकारी अभिलेखों में बदलाव करना गंभीर अपराध है। अब वह न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इंद्रावती देवी ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पूरी संपत्ति पर अवैध कब्जा हो जाएगा और परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी दस्तावेजों में इतनी आसानी से हेराफेरी हो सकती है तो आम लोगों की संपत्ति सुरक्षित नहीं रह सकती। लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सकेगी। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अभिलेखों में फर्जीवाड़े और जमीन कब्जाने के मामलों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।



















