डीडीयू नगर, चंदौली। Mughalsarai Atikraman Abhiyan को लेकर मुगलसराय नगर में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के सातवें दिन प्रशासन ने नगर के विभिन्न इलाकों में बुलडोजर चलाकर कई निर्माणों को ध्वस्त किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी कार्यालय को भी जमींदोज कर दिया गया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। कार्रवाई से नाराज पूर्व सपा सांसद रामकिशुन यादव अपने समर्थकों और व्यापारियों के साथ एक्सईएन कार्यालय में धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि Mughalsarai Atikraman Abhiyan के नाम पर व्यापारियों और राजनीतिक दलों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस सपा कार्यालय को तोड़ा गया, वह कार्यालय पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा पार्टी को सौंपा गया था और नगर पालिका परिषद से 92 वर्ष की लीज पर लिया गया था। इसके बावजूद बिना किसी स्पष्ट सूचना और वैधानिक प्रक्रिया के उसे ध्वस्त कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए कोई स्पष्ट मानक नहीं बता रहा है। कहीं 46 फीट, कहीं 48 फीट और कहीं 52 फीट तक तोड़फोड़ की जा रही है। ऐसे में व्यापारियों और भवन स्वामियों को समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर कार्रवाई किस आधार पर हो रही है। रामकिशुन यादव ने आरोप लगाया कि Mughalsarai Atikraman Abhiyan पूरी तरह मनमानी तरीके से चलाई जा रही है, जिससे आम लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।
धरने में शामिल व्यापारियों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना था कि उन्हें पहले से पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया और न ही किसी प्रकार के मुआवजे की जानकारी दी गई। कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों पुरानी दुकानों और प्रतिष्ठानों को अचानक अतिक्रमण घोषित कर तोड़ा जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार को पहले स्पष्ट मानक सार्वजनिक करना चाहिए कि सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की सीमा क्या है। इसके साथ ही जिन लोगों की दुकानें और भवन तोड़े जा रहे हैं, उन्हें उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक प्रशासन लिखित रूप से स्पष्ट मानक और मुआवजे का आश्वासन नहीं देता, तब तक धरना जारी रहेगा।
Mughalsarai Atikraman Abhiyan को लेकर नगर में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दल लगातार प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और नगर को जाम मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है।

धरने के दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता, व्यापारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। एक्सईएन कार्यालय के बाहर नारेबाजी भी हुई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता की संभावना जताई जा रही है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
नगर में चल रहे Mughalsarai Atikraman Abhiyan ने अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों रूप ले लिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन और व्यापारियों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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