चंदौली में शिक्षा का डिजिटल धमाका — गर्मी की छुट्टियों में भी नहीं रुकेगी बच्चों की क्लास, Daddy’s International School का बड़ा फैसला

✍️ खबरी न्यूज़ नेशनल नेटवर्क स्पेशल रिपोर्ट
चकिया‚चंदौली।
गर्मी की छुट्टियां…
मतलब मस्ती, आम, नानी का घर, गांव की गलियां और पढ़ाई से लंबा ब्रेक!

लेकिन अब तस्वीर बदलने जा रही है…
अब बच्चे छुट्टियों में सिर्फ खेलेंगे नहीं, बल्कि मोबाइल पर पढ़ाई भी करेंगे!
चंदौली जिले के शिक्षा जगत में उस समय हलचल मच गई जब Daddy’s International School ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसकी चर्चा अब गांव से लेकर शहर तक होने लगी है। विद्यालय ने घोषणा की है कि 25 मई से 12 जून तक गर्मी की छुट्टियों में भी ऑनलाइन क्लासेस चलेंगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई का सिलसिला टूटने न पाए।
अब बच्चा चाहे दादी के घर हो, नानी के यहां हो, रिश्तेदारी में गया हो या परिवार के साथ घूमने निकला हो…
रोज सुबह 9 बजे मोबाइल पर क्लास जरूर जॉइन करेगा!
विद्यालय प्रशासन के मुताबिक कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ऑनलाइन कक्षाएं संचालित होंगी। बच्चे Android App के जरिए मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से कहीं से भी पढ़ाई कर सकेंगे।

“अब शिक्षा स्कूल की चारदीवारी में कैद नहीं”
विद्यालय के संस्थापक Dr. Vinay Prakash Tiwari ने इस पहल को “भविष्य की शिक्षा” बताते हुए कहा कि आज का दौर डिजिटल एजुकेशन का है और बच्चों की पढ़ाई को छुट्टियों के नाम पर पूरी तरह रोक देना सही नहीं है।
उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में कहा—

“बच्चा चाहे कहीं भी हो… लेकिन उसकी पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। हमारा उद्देश्य है कि सीखने का क्रम लगातार चलता रहे।”
उनकी यह सोच अब चंदौली में चर्चा का विषय बन गई है। गांवों में जहां अब तक मोबाइल सिर्फ मनोरंजन का जरिया माना जाता था, वहीं अब वही मोबाइल ‘डिजिटल क्लासरूम’ बनने जा रहा है।
“सिर्फ पढ़ाई नहीं, अनुशासन भी सिखाएगी ये पहल”
विद्यालय के प्रधानाचार्य Dr. Ajay Kumar Srivastav ने कहा कि यह सिर्फ ऑनलाइन क्लास नहीं, बल्कि बच्चों को नियमित अध्ययन की आदत देने का अभियान है।
उन्होंने कहा—
“यदि बच्चा छुट्टियों में रोज केवल दो घंटे भी पढ़ाई करता है तो उसका शैक्षणिक प्रवाह बना रहता है। यही निरंतरता भविष्य में उसे मजबूत बनाती है।”
उनके मुताबिक इस पहल से बच्चे छुट्टियों के बाद पढ़ाई के दबाव में नहीं आएंगे, बल्कि पहले से अधिक तैयार होकर स्कूल लौटेंगे।
नया एडमिशन… और तुरंत शुरू होगी पढ़ाई!
सबसे दिलचस्प बात यह है कि मई और जून में एडमिशन लेने वाले नए विद्यार्थी भी इन ऑनलाइन क्लासेस का हिस्सा बन सकेंगे। यानी नया बच्चा स्कूल खुलने का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि घर बैठे पहले दिन से ही पढ़ाई शुरू कर देगा।
शिक्षा विशेषज्ञ इसे “Pre-Session Digital Grooming” जैसा प्रयोग मान रहे हैं।
Daddy’s International School –अभिभावकों में उत्साह, बच्चों में भी बढ़ा रोमांच
विद्यालय के इस फैसले को लेकर अभिभावकों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। कई पैरेंट्स का कहना है कि आज के दौर में बच्चे घंटों मोबाइल चलाते हैं, ऐसे में अगर वही मोबाइल पढ़ाई का माध्यम बन जाए तो इससे बेहतर क्या हो सकता है।
एक अभिभावक ने मुस्कुराते हुए कहा—
“अब बच्चा मोबाइल मांगेगा तो डांटना नहीं पड़ेगा… क्योंकि मोबाइल पर पढ़ाई होगी!”
वहीं एक अन्य अभिभावक ने कहा—
“दादी के घर जाकर बच्चे पढ़ाई भूल जाते थे, लेकिन अब वहां से भी क्लास चलेगी। यह बहुत बड़ी सोच है।”
Daddy’s International School –चंदौली में शिक्षा का नया मॉडल?
जिस दौर में कई स्कूल छुट्टियों में पूरी तरह बंद हो जाते हैं, उस दौर में Daddy’s International School का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में एक नई बहस छेड़ रहा है।
क्या आने वाले समय में हर स्कूल ऐसा करेगा?
क्या गांवों में डिजिटल एजुकेशन का नया दौर शुरू हो चुका है?
क्या मोबाइल अब सिर्फ गेम नहीं, बल्कि भविष्य बनाने का हथियार बनेगा?
इन सवालों के बीच एक बात साफ है—
चंदौली में शिक्षा अब बदल रही है…
और इस बदलाव की घंटी शायद Daddy’s International School ने सबसे पहले बजा दी है।




















