© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail
Home » उत्तर प्रदेश » पंचायत चुनाव से पहले भीषमपुर में 350+ मतदाताओं के नाम गायब, मचा प्रशासनिक हड़कंप!

पंचायत चुनाव से पहले भीषमपुर में 350+ मतदाताओं के नाम गायब, मचा प्रशासनिक हड़कंप!

भीषमपुर में 350 से अधिक वैध मतदाताओं के नाम कटने का आरोप, BLO की शिकायत से मचा प्रशासनिक हड़कंप

“जब नाम थे तो कटे कैसे, और कटे तो किसके आदेश पर?” — गांव में उठ रहे तीखे सवाल

खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क

चकिया, चंदौली। पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच चकिया विकासखंड की ग्राम पंचायत भीषमपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे निर्वाचन तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अंतिम पंचायत मतदाता सूची-2026 से 350 से अधिक मूल और वैध मतदाताओं के नाम रहस्यमय ढंग से हटा दिए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर मामले की शिकायत किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी ने नहीं, बल्कि स्वयं निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ (BLO) ने लिखित रूप से की है।

SRVS Sikanderpur

खबरी न्यूज को प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार तीन बीएलओ ने संयुक्त रूप से उपजिलाधिकारी एवं सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, चकिया को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि जिन मतदाताओं के नाम अंतिम सूची से गायब हैं, वे 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित अनंतिम मतदाता सूची में विधिवत दर्ज थे। इसके बावजूद अंतिम सूची में उनके नाम नहीं दिखाई दे रहे हैं।

दस्तावेजों ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किल

बीएलओ द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि लगभग 350 से अधिक मतदाताओं के नाम बिना नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए सूची से हटाए गए प्रतीत होते हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि नाम हटाने से पहले निर्वाचन नियमों के तहत आवश्यक प्रक्रिया, विशेष रूप से फॉर्म-4 संबंधी कार्रवाई, नहीं की गई।

इतना ही नहीं, जिन लोगों के नाम सूची से हटे हैं, उनका नाम किसी अन्य ग्राम पंचायत अथवा अन्य निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में भी दर्ज नहीं पाया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये मतदाता अचानक सूची से बाहर कैसे हो गए?

आधार कार्ड दिखाया, सत्यापन कराया, फिर भी नाम गायब

ग्रामीणों का आरोप है कि कई मतदाताओं ने आधार कार्ड, पहचान पत्र तथा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना सत्यापन कराया था। इसके बावजूद अंतिम सूची जारी होने पर उनके नाम गायब मिले।

Dalimss Sunbeam Chakia

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि वे वर्षों से मतदान करते आ रहे हैं। कुछ परिवारों के एक-दो नहीं बल्कि कई सदस्यों के नाम सूची से हटे पाए गए हैं। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और चिंता व्याप्त है।

पर्यवेक्षक की टिप्पणी ने मामले को बनाया और गंभीर

मामले को और गंभीर बनाती है प्रार्थना पत्र पर दर्ज पर्यवेक्षक की हस्तलिखित टिप्पणी। टिप्पणी में भी यह उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत भीषमपुर के लगभग 350 से अधिक मूल एवं वैध मतदाताओं के नाम सूची से कट गए हैं तथा उनके नाम पुनः जोड़े जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

Silver Bells Chakia

निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल अधिकारी स्तर से आई यह टिप्पणी अब पूरे मामले को महज शिकायत नहीं बल्कि गंभीर प्रशासनिक विषय बना रही है।

पंचायत चुनाव से पहले बड़ा सवाल

पंचायत चुनाव गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया है। ऐसे समय यदि सैकड़ों मतदाताओं के नाम सूची से बाहर पाए जाते हैं तो इसका सीधा प्रभाव चुनावी गणित और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व दोनों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची की शुद्धता किसी भी चुनाव की निष्पक्षता की आधारशिला होती है। यदि पात्र मतदाता सूची से बाहर रह जाएं तो यह उनके संवैधानिक मताधिकार के हनन जैसा मामला बन सकता है।

ग्रामीणों की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटे हैं, उन्हें तत्काल सूची में शामिल किया जाए। गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो सैकड़ों लोग अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।

तहसीलदार चकिया ने क्या कहा ?

मामले पर तहसीलदार चकिया देवेंद्र जी ने खबरी न्यूज से बातचीत में कहा—

“प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। यदि पात्र मतदाताओं के नाम किसी कारणवश कटे हैं तो नियमानुसार उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।”

अब जांच पर टिकी निगाहें

भीषमपुर का यह मामला अब केवल एक गांव तक सीमित नहीं रह गया है। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो यह सवाल उठना तय है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची से बाहर कैसे हुए? क्या यह तकनीकी त्रुटि है, प्रशासनिक चूक है या फिर कहीं और कोई गंभीर गड़बड़ी?

फिलहाल गांव के 350 से अधिक परिवारों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह मामला पंचायत चुनाव 2026 से पहले जिले का सबसे बड़ा चुनावी विवाद बन सकता है।

✍️ एक्सक्लूसिव रिपोर्ट : खबरी न्यूज ब्यूरो, चंदौली
प्रधान संपादक : के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)

raising sun
raising sun
Daidij marka
Daidij marka

Share this post:

Facebook
X
Telegram
Email
WhatsApp

Leave a Comment

लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो

लेटेस्ट न्यूज़ चंदौली

ब्रेकिंग न्यूज़ | पचवनियां फाल पर किसानों का आर-पार का ऐलान, मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना निर्माणाधीन बीयर (छलका) की ऊंचाई को लेकर भड़का किसानों का आक्रोश, भारतीय किसान मंच और भाकियू (टिकैत) ने दी आंदोलन को धार, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Read More »

लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़ | पचवनियां फाल पर किसानों का आर-पार का ऐलान, मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना निर्माणाधीन बीयर (छलका) की ऊंचाई को लेकर भड़का किसानों का आक्रोश, भारतीय किसान मंच और भाकियू (टिकैत) ने दी आंदोलन को धार, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Read More »

Advertisement Box

Follow Our Facebook Page

लाइव क्रिकट स्कोर

राशिफल

© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail

error: Content is protected !!