


????चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय बना मानवता का तीर्थस्थल | 27 रक्तवीरों ने बहाया उम्मीद का लहू | 1998 से सेवा में जुटी संस्था ने फिर रचा इतिहास
✍️ रिपोर्ट: ख़बरी न्यूज़ संवाददाता | स्थान: चकिया, चंदौली |
चकिया की सुबह कुछ अलग थी — यह सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि इंसानियत के इम्तिहान का दिन था। जिला संयुक्त चिकित्सालय के परिसर में युगांधर सेवा समिति के बैनर तले जब रक्तदान शिविर शुरू हुआ, तो माहौल भावनाओं, ऊर्जा और सेवा के रंगों में डूबा हुआ था।

इस शिविर में अब तक कुल 27 लोगों ने अपना रक्तदान कर मानवता की रक्षा में अपनी भागीदारी दी है।
???? अस्पताल बना सेवा का तीर्थ, रक्तवीर बने चकिया की शान
रक्तदान शिविर की संपूर्ण व्यवस्था जिला चिकित्सालय चंदौली की विशेषज्ञ टीम द्वारा की गई, जिसमें चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश सिंह व रक्तकोष सहायक संध्या सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहीं। चिकित्सकीय देखरेख में शिविर अत्यंत व्यवस्थित, सुरक्षित और प्रेरणादायक बना।
???? संदीप कुमार मोदनवाल बोले — “हमारा लक्ष्य सिर्फ सेवा, बस सेवा”
युगांधर सेवा समिति के अध्यक्ष संदीप कुमार मोदनवाल ने उद्घाटन के दौरान कहा:
????️ “रक्तदान जीवनदान है। एक यूनिट रक्त दो ज़िंदगियाँ बचा सकता है। हमारी संस्था 1998 से रजिस्टर्ड है और निरंतर सेवा कार्य कर रही है। डाला छठ पर माताओं की सेवा से लेकर कोरोना काल में राहत पहुंचाने तक, युगांधर सेवा समिति हमेशा सबसे आगे रही है।”
???? ये रहे आज के सच्चे नायक — रक्तवीर
आज के रक्तदान शिविर में जिन 27 बहादुरों ने अपने लहू की बूँदें दीं, उनके नाम हैं:

- संदीप कुमार मोदनवाल (अध्यक्ष)
- कैलाश जायसवाल
- अंकित मध्देशिया
- राजेश गुप्ता
- मोहम्मद हसनैन रजा
- सोनू गुप्ता
- प्रियांशु जायसवाल
- सत्यम जायसवाल
- आर्यन त्रिपाठी
- शेखर तिवारी
- रंजीत सिंह
- ओमी जायसवाल
- आफताब आलम
- ज्योति गुप्ता
- मनीष जायसवाल
- कुलदेव मिश्रा
- सलामुद्दीन
- शिवरतन गुप्ता
- राजकिशोर गुप्ता
- सौरभ गुप्ता
- शुभम गुप्ता
- विकास केशरी
- डॉ सूर्यदेव केशरी
- सतवंत सिंह
- जोगेंद्र जी
???? भावनात्मक क्षण जो दिल छू गए…
एक वृद्ध महिला, जो अपने पोते के लिए रक्त की खोज में थी, भावुक होकर बोली:
“इन बच्चों ने मेरे पोते को जीवन दिया है। मैं इन्हें आशीर्वाद देने आई हूँ… ये भगवान हैं मेरे लिए।”
एक युवक ने रक्तदान के बाद कहा:

“मैंने अपने भाई को खो दिया था क्योंकि समय पर खून नहीं मिला। आज मैं किसी और के भाई को बचाना चाहता हूँ।”
????️ संस्था का गौरवपूर्ण अतीत
- 1998 से सेवा में समर्पित संस्था
- डाला छठ सेवा शिविरों के जरिए सैकड़ों माताओं को सहायता
- कोविड काल में मास्क, सैनिटाइजर, भोजन वितरण
- रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहायता में अग्रणी
???? प्रधान संपादक के.सी. श्रीवास्तव एड० की भावुक टिप्पणी
✍️ “रक्त से रिश्ते नहीं बनते, लेकिन रक्तदान से ज़िंदगियाँ बनती हैं। युगांधर सेवा समिति ने चकिया को जो दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श बन जाएगा।”
???? क्या आप अगला रक्तदाता बनेंगे?
समाज को आपके जैसे लोगों की ज़रूरत है। सिर्फ 10 मिनट का समय और आप किसी के लिए भगवान बन सकते हैं।
क्या अगली बार आपकी बारी है?
???? आगे की योजना: युगांधर सेवा समिति का मिशन
- हर 2 महीने में ब्लड डोनेशन कैम्प
- ब्लड ग्रुप रजिस्ट्रेशन अभियान
- आपातकालीन रक्त हेल्पलाइन सेवा
????️ ख़बरी न्यूज़ की अपील
???? अगर आपकी संस्था भी इस प्रकार का कोई सेवा कार्य कर रही है, हमें जानकारी दें। हम उसे जन-जन तक पहुँचाएँगे।
???? संपर्क: के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट), प्रधान संपादक
???? वेव पोर्टल: www.khabarinews.com????स्थान: चकिया, चंदौली
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