डीडीयू नगर, चंदौली। मुगलसराय में फल-सब्जी कारोबारियों की तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। आंदोलनरत कारोबारियों के धरनास्थल पर विधानसभा में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वर्गों की आवाज उठाने वाली विधायक डॉ. रागिनी सोनकर बिंद पहुंचीं और व्यापारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में रेहड़ी-पटरी के सहारे कारोबार करने की मजबूरी व्यवसायिक क्षेत्र के पिछड़ेपन का संकेत है। फल-सब्जी कारोबारियों के लिए उपमंडी की स्थापना, वेंडिंग जोन का निर्माण और फल-सब्जी लाने वाले वाहनों को नो-एंट्री से राहत देने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसके बावजूद मांगों की अनदेखी चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि विकास का लाभ छोटे और मझोले कारोबारियों तक भी पहुंचना चाहिए। केवल बड़े कारोबारियों और कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए ढांचागत विकास पर्याप्त नहीं है। पूर्वांचल कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहां फल-सब्जी समेत विभिन्न फसलों के उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में कृषि उत्पादों के बाजार और व्यापार से जुड़ा मजबूत आधारभूत ढांचा समय की आवश्यकता है।
विधानसभा में उठाएंगी कारोबारियों की आवाज
विधायक ने कहा कि किसानों और फल-सब्जी कारोबार से जुड़े लोगों की समस्याओं की अनदेखी से उनमें निराशा पैदा हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी विधानसभा सत्र में फल-सब्जी व्यवसायियों की मांगों को सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी हितों की अनदेखी उचित नहीं है और उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने भी दिया समर्थन
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने भी आंदोलनरत फल-सब्जी व्यवसायियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम वर्ग के कारोबारियों की समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है।
इस दौरान फल-सब्जी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी नारायण प्रसाद सोनकर ने आंदोलन की पृष्ठभूमि और कारोबारियों की तीन सूत्रीय मांगों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।




















