चंदौली में Heatwave के बीच BSA के आदेश पर उठे सवाल!
Khabari News | Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava (Advocate)
चंदौली।
पूरा पूर्वांचल इस समय आग उगलती गर्मी और जानलेवा Heatwave की चपेट में है। सड़कों पर दोपहर में सन्नाटा पसरा है, लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं, अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और चक्कर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है… लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल अब बच्चों की सेहत और शिक्षा व्यवस्था पर खड़ा हो गया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदौली द्वारा जारी आदेश के अनुसार केवल 19मई 2026 को कक्षा 8 तक के विद्यालयों में पठन-पाठन स्थगित किया गया है। यानी बच्चों को सिर्फ एक दिन की राहत… जबकि मौसम विभाग लगातार चेतावनी दे रहा है कि आने वाले दिनों में Heatwave और भी विकराल रूप ले सकती है।
“क्या बच्चों की जान से बड़ा है एक दिन का आदेश?”
ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों में इस आदेश को लेकर भारी नाराजगी दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि जब तापमान लगातार 44 डिग्री के आसपास बना हुआ है, गर्म हवाएं सुबह से ही चलने लग रही हैं, तब आखिर सिर्फ एक दिन की छुट्टी देकर प्रशासन क्या संदेश देना चाहता है?
कई अभिभावकों ने Khabari News से बातचीत में कहा—

“बच्चे सुबह स्कूल जाते हैं तो दोपहर तक उनका चेहरा लाल हो जाता है… कई बच्चों को चक्कर और उल्टी तक की शिकायत हो रही है… फिर भी लगातार स्कूल खोलना समझ से परे है।”
गांवों के बच्चों की हालत सबसे ज्यादा खराब
सबसे ज्यादा परेशानी उन बच्चों को हो रही है जो कई किलोमीटर पैदल या साइकिल से विद्यालय पहुंचते हैं। तपती सड़कें, गर्म हवाएं और ऊपर से बिजली कटौती… ऐसे में मासूम बच्चों का शरीर जवाब देने लगा है।
कई विद्यालयों में पंखे केवल नाम मात्र के चल रहे हैं। कहीं पानी की समुचित व्यवस्था नहीं, तो कहीं कमरे भट्ठी की तरह तप रहे हैं। ऐसे माहौल में पढ़ाई से ज्यादा बच्चों की सेहत खतरे में नजर आ रही है।

BSA से संपर्क की कोशिश… लेकिन फोन नहीं उठा
जब इस गंभीर मुद्दे पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार से Khabari News द्वारा वार्ता करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में अभिभावकों के मन में और भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोग पूछ रहे हैं—
- क्या विभाग ने बच्चों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया?
- क्या ग्रामीण विद्यालयों की स्थिति देखी गई?
- क्या मौसम विभाग की आगामी चेतावनियों को गंभीरता से लिया गया?
जिलाधिकारी महोदय लें तत्काल संज्ञान
अब जिले भर के अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की निगाहें जिलाधिकारी महोदय की ओर टिकी हैं। लोगों की मांग है कि जब तक Heatwave का प्रकोप कम नहीं होता, तब तक प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में अवकाश बढ़ाया जाए।
क्योंकि यह सिर्फ पढ़ाई का मामला नहीं…
यह हजारों मासूम बच्चों की सेहत, सुरक्षा और जीवन से जुड़ा प्रश्न है।
“स्कूल की घंटी से ज्यादा जरूरी बच्चों की सांसें हैं…”
आज जरूरत इस बात की है कि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाए।
फाइलों और आदेशों से बाहर निकलकर उन बच्चों की हालत देखे जो तपती धूप में स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।
यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया… तो यह गर्मी केवल तापमान नहीं बढ़ाएगी, बल्कि व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर देगी।
Editor-in-Chief K.C. Shrivastava (Advocate)
“जब मौसम विभाग लगातार भीषण Heatwave की चेतावनी दे रहा है, तब केवल एक दिन की छुट्टी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। प्रशासन को संवेदनशील निर्णय लेते हुए हालात सामान्य होने तक विद्यालयों में अवकाश बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”





















