“अब केंद्रीय विद्यालय में गूंजेगी हरियाली की पाठशाला!”
बड़ी खबर | चकिया को मिली नई पहचान
केंद्रीय विद्यालय जीसी सीआरपीएफ चकिया में ‘ग्रीन मिशन’ को मिलेगी नई उड़ान
📚 बच्चों को किताबों के साथ प्रकृति का भी मिलेगा ज्ञान
“Child is the Father of Man” के मंत्र से गढ़े जाएंगे जिम्मेदार नागरिक
KHABARI NEWS | चकिया/चंदौली
चकिया की धरती से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सिर्फ एक नियुक्ति नहीं बल्कि शिक्षा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। केंद्रीय विद्यालय जीसी सीआरपीएफ चकिया की विद्यालय प्रबंधन समिति (VMC) में जिले के प्रसिद्ध पर्यावरणविद्, समाजसेवी और ‘वृक्ष बंधु’ के नाम से पहचान रखने वाले डॉ. परशुराम सिंह को सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है।

इस खबर के सामने आते ही शिक्षा जगत, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई। माना जा रहा है कि डॉ. सिंह की सक्रिय भागीदारी से विद्यालय में केवल अकादमिक विकास ही नहीं, बल्कि छात्रों में प्रकृति प्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का भी विस्तार होगा।

वृक्षारोपण से व्यक्तित्व निर्माण तक का मिशन
वर्षों से पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाले डॉ. परशुराम सिंह हजारों पौधों के रोपण और संरक्षण अभियान का नेतृत्व कर चुके हैं। जल संरक्षण, जैव विविधता और प्रकृति बचाने के लिए उनका संघर्ष पूरे क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।
अब यही अनुभव केंद्रीय विद्यालय के छात्रों तक पहुंचेगा। विद्यालय परिसर में हरित वातावरण, पर्यावरण आधारित गतिविधियां, वृक्षारोपण अभियान, जल संरक्षण कार्यक्रम और स्वच्छता मिशन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
“विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं”
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. परशुराम सिंह ने कहा—
“विद्यालय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला होता है। यदि बचपन से ही छात्रों को पर्यावरण, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ा जाए तो वे भविष्य में आदर्श नागरिक बन सकते हैं।”

उन्होंने प्रसिद्ध उक्ति “Child is the Father of Man” का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का राष्ट्र निर्माता है। इसलिए शिक्षा के साथ प्रकृति और मानवीय मूल्यों का समावेश समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
किताबों के साथ प्रकृति का पाठ
डॉ. सिंह का मानना है कि आधुनिक तकनीकी शिक्षा जितनी जरूरी है, उतना ही आवश्यक बच्चों को वृक्षों, जल स्रोतों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व से परिचित कराना भी है।

उनकी योजना विद्यालय में ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की है जो छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करें और उन्हें धरती के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाएं।
CRPF नेतृत्व के मार्गदर्शन में नई पहल
विद्यालय प्रशासन के साथ-साथ जीसी सीआरपीएफ चकिया के डीआईजी राकेश कुमार सिंह एवं कमांडेंट प्रद्युम्न कुमार सिंह के मार्गदर्शन में गठित विद्यालय प्रबंधन समिति पहले से ही शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है।
अब डॉ. परशुराम सिंह के जुड़ने से इस मिशन को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्यों खास है यह नियुक्ति?
✅ शिक्षा और पर्यावरण का अनोखा संगम
✅ छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी
✅ विद्यालय बनेगा हरित और प्रेरणादायी मॉडल कैंपस
✅ वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा मिलेगा
✅ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का होगा विस्तार
KHABARI NEWS ANALYSIS
यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को प्रकृति और संस्कारों से जोड़ने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। जिस दौर में बच्चे मोबाइल और स्क्रीन की दुनिया में सीमित होते जा रहे हैं, ऐसे समय में ‘वृक्ष बंधु’ डॉ. परशुराम सिंह जैसे व्यक्तित्व का विद्यालय प्रबंधन से जुड़ना निश्चित रूप से नई सोच और नई दिशा देगा।
“जब शिक्षा में जुड़ेगा पर्यावरण, तब ही बनेगा सशक्त भारत”
✍️ KHABARI NEWS – सच को दिखाने की हिम्मत





















