👉 30 अप्रैल को निकले, 2 मई को जिंदगी हार गए
👉 बेटे ने दर्ज कराई हत्या की FIR, दो नामजद आरोपी
👉 गांव में गूंज रही एक ही आवाज—“इंसाफ चाहिए”
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया / शहाबगंज, चंदौली:
कभी-कभी एक साधारण सी शाम, जिंदगी का सबसे दर्दनाक मोड़ बन जाती है। गजधरा गांव में 30 अप्रैल की शाम भी कुछ ऐसी ही थी—जहां कोमल तिवारी घर से टहलने निकले, लेकिन वापस लौटकर नहीं आए… और फिर दो दिन बाद उनकी मौत की खबर ने पूरे गांव को सन्न कर दिया।

👉 शाम करीब 5 बजे कोमल तिवारी गांव के ही संजय मिश्रा के साथ घर से निकले थे। रोज की तरह यह एक सामान्य दिन लग रहा था। लेकिन रात 8 बजे जब संजय मिश्रा अकेले लौटे और कोमल तिवारी का कोई अता-पता नहीं था, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी।
👉 पूछताछ में सामने आया कि रास्ते में संजय मिश्रा और अमरनाथ यादव के बीच कहासुनी हुई थी, जो बाद में झड़प में बदल गई। इसके कुछ ही देर बाद खबर आई कि कोमल तिवारी गंभीर हालत में सड़क किनारे पड़े हैं।
आरोप है कि उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया और उन्हें लहूलुहान हालत में छोड़ दिया गया।
गांव वालों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। वहां दो दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे कोमल तिवारी… और 2 मई को उन्होंने अंतिम सांस ली।

😭 एक परिवार का सहारा छिन गया…
😭 एक बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया…
😭 और एक गांव के दिल में एक गहरा घाव बन गया…
अब सवाल—क्या मिलेगा इंसाफ ?
मृतक के पुत्र जागेश्वर तिवारी ने थाना शहाबगंज में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

लेकिन गांव में चर्चा सिर्फ मुकदमे की नहीं है…
👉 लोग पूछ रहे हैं—“क्या आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी?”
👉 “क्या जांच निष्पक्ष और तेज होगी?”
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समाज भी उतरा मैदान में
घटना के बाद आक्रोश धीरे-धीरे आवाज बनता जा रहा है।
रविवार को ब्राह्मण समाज के प्रमुख लोगों ने मृतक परिवार से मुलाकात की।
👉 डॉ. के.एन. पांडेय और हरेराम द्विवेदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने न सिर्फ परिवार को सांत्वना दी, बल्कि मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी को बुलाकर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
📢 अब सोमवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले में तेजी से कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।
दर्द जो शब्दों से बड़ा है
कोमल तिवारी की मौत सिर्फ एक खबर नहीं…
यह उस दर्द की कहानी है, जो हर उस परिवार में गूंजती है, जिसने अचानक अपने किसी अपने को खो दिया हो।
👉 सुबह जो इंसान हंसते हुए घर से निकला…
👉 शाम को वही जिंदगी के लिए जूझता मिला…
यह सवाल हर दिल में है—
“आखिर उनकी गलती क्या थी?”
प्रशासन के सामने चुनौती
यह मामला अब सिर्फ एक गांव या एक परिवार तक सीमित नहीं रहा।
👉 यह कानून-व्यवस्था की परीक्षा है
👉 यह न्याय प्रणाली की कसौटी है
लोगों की निगाहें अब प्रशासन पर टिकी हैं—
क्या कार्रवाई तेज होगी?
क्या दोषियों को सजा मिलेगी?
KHABARI की अपील
“खबरी” सिर्फ खबर नहीं दिखाता… सच के साथ खड़ा भी रहता है।
👉 हम मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो
👉 दोषियों की जल्द गिरफ्तारी हो
👉 और पीड़ित परिवार को न्याय मिले
🙏 क्योंकि हर एक कोमल तिवारी के पीछे एक परिवार होता है…
और हर परिवार को हक है—इंसाफ का
आखिरी सवाल…
क्या कोमल तिवारी को मिलेगा इंसाफ?
या फिर यह मामला भी वक्त के साथ धुंधला पड़ जाएगा…
📌 जवाब आने वाला समय देगा…
लेकिन आवाज उठाना हमारी जिम्मेदारी है।
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