मानसून से पहले प्रशासन ने परखी तैयारियां, पुलिस, स्वास्थ्य, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और राजस्व विभाग ने किया संयुक्त अभ्यास
चकिया (चन्दौली)। खबरी न्यूज़ नेशनल नेटवर्क । गुरुवार को चकिया क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लतीफ़शाह वियर पर अचानक सायरनों की आवाज गूंजने लगी। पुलिस और प्रशासनिक वाहनों की गतिविधियां तेज हो गईं। रेस्क्यू बोट पानी में उतार दी गई और कुछ ही देर में स्ट्रेचर पर एक ‘घायल’ को बाहर लाया जाने लगा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद पर्यटक और स्थानीय लोग कुछ क्षण के लिए चौंक गए। ऐसा लग रहा था मानो किसी बड़ी आपदा के बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा हो।
हालांकि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मेगा फ्लड मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य बाढ़ अथवा जलजनित आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता, समन्वय और राहत-बचाव क्षमता को परखना था।

मॉक ड्रिल की शुरुआत एक काल्पनिक सूचना से हुई, जिसमें बताया गया कि लतीफ़शाह वियर के समीप स्थित टापू क्षेत्र में कुछ पर्यटक अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जिला एवं तहसील स्तर के आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय हो गए। कंट्रोल रूम से तत्काल संबंधित विभागों को अलर्ट जारी किया गया और राहत-बचाव टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया।
कुछ ही मिनटों में पुलिस, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड, पीआरडी, राजस्व विभाग तथा अन्य सहयोगी एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। सिविल डिफेंस के प्रशिक्षित जवानों ने मोटरबोट के माध्यम से टापू तक पहुंचकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। सभी को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन ने खींचा लोगों का ध्यान
मॉक ड्रिल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रेस्क्यू ऑपरेशन रहा। मोटरबोट के जरिए टीम ने टापू क्षेत्र तक पहुंचकर वहां मौजूद लोगों को निकाला। पूरे अभियान को इस प्रकार संचालित किया गया मानो वास्तविक आपदा की स्थिति हो। मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि किस प्रकार विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहे थे।

घायल के उपचार का भी हुआ प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान एक व्यक्ति को घायल दर्शाया गया। रेस्क्यू टीम ने उसे स्ट्रेचर पर सुरक्षित बाहर निकाला और मेडिकल कैंप तक पहुंचाया। वहां पहले से तैनात चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार प्रदान किया। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी प्रदर्शित किया कि आपदा की स्थिति में गंभीर घायलों को किस प्रकार तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती है तथा आवश्यक होने पर एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा जाता है।
सभी विभागों ने निभाई अपनी भूमिका
मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग ने सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाली, जबकि सिविल डिफेंस ने राहत एवं बचाव अभियान का संचालन किया। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा सेवाओं का प्रदर्शन किया। वहीं होमगार्ड, पीआरडी, पशुपालन विभाग, सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग ने भी अपनी-अपनी भूमिका का सफल निर्वहन किया।

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को यह संदेश भी दिया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।
क्या बोले उपजिलाधिकारी?
मॉक ड्रिल के दौरान मौजूद उपजिलाधिकारी चकिया ने बताया कि मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए यह अभ्यास कराया गया है ताकि किसी भी संभावित बाढ़ या जलजनित आपदा की स्थिति में सभी विभाग पूरी तैयारी के साथ कार्य कर सकें।
उन्होंने कहा,
“मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। आपदा के समय शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी, संसाधनों की उपलब्धता और अधिकारियों-कर्मचारियों की तत्परता का परीक्षण इस अभ्यास के माध्यम से किया गया है।”
उपजिलाधिकारी ने आगे कहा कि जनपद प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह गंभीर है और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मानसून के दौरान नदी, नालों और जलाशयों के आसपास अनावश्यक जोखिम न लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
खबरी न्यूज़ की नजर
लतीफ़शाह वियर पर आयोजित यह मेगा मॉक ड्रिल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह आने वाले मानसून के लिए प्रशासनिक तैयारियों का वास्तविक परीक्षण था। जिस प्रकार पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया, उससे यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए चन्दौली प्रशासन पहले से तैयार रहने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
– विशेष ब्यूरो रिपोर्ट, खबरी न्यूज़
प्रधान संपादक: के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)





















