मॉनिटर्स इन्वेस्टिचर सेरेमनी में चमके नन्हे लीडर्स, गूंजा अनुशासन और आत्मविश्वास का संदेश
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया ‚चन्दौली।
Silver Bells School में शनिवार को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने हर अभिभावक और शिक्षक का दिल गर्व से भर दिया। विद्यालय परिसर में आयोजित “मॉनिटर्स इन्वेस्टिचर सेरेमनी” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार लीडर्स को तैयार करने का प्रेरणादायी मंच बन गया। पूरे समारोह में उत्साह, अनुशासन, सम्मान और नेतृत्व की चमक साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण के साथ हुई। जैसे ही सरस्वती वंदना की मधुर ध्वनि पूरे परिसर में गूंजी, माहौल पूरी तरह संस्कारमय और ऊर्जा से भर उठा। विद्यालय के सम्मानित चेयरमैन Prabhat Jaiswal, डायरेक्टर Sushma Jaiswal, ए.एम.डी. Siddharth Jaiswal, श्वेता मैम, प्रधानाचार्या Anupama Agrawal एवं उपप्रधानाचार्य Rajdeep Pal की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को और भी खास बना दिया।

चयनित विद्यार्थियों को बैज पहनाए गए, पूरे परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों में से अनुशासन, शैक्षणिक प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी के आधार पर मॉनिटर्स, हाउस प्रतिनिधि एवं विभिन्न पदों के लिए चयन किया गया। जैसे ही चयनित विद्यार्थियों को बैज पहनाए गए, पूरे परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बच्चों के चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक और जिम्मेदारी का एहसास साफ झलक रहा था।
सिल्वर बेल्स स्कूल समारोह का सबसे प्रेरणादायी पल तब आया जब चयनित विद्यार्थियों ने विद्यालय की गरिमा बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने और अपने साथियों के लिए आदर्श बनने की शपथ ली। यह दृश्य देखकर उपस्थित अभिभावक और शिक्षक भावुक भी दिखे और गर्वित भी।
सिल्वर बेल्स स्कूल चेयरमैन Prabhat Jaiswal ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व केवल पद या बैज का नाम नहीं है, बल्कि दूसरों को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वहीं डायरेक्टर Sushma Jaiswal ने बच्चों को भविष्य का आदर्श नागरिक बताते हुए कहा कि आज के ये छोटे-छोटे लीडर्स ही कल समाज और देश की दिशा तय करेंगे।
सिल्वर बेल्स स्कूल ए.एम.डी. Siddharth Jaiswal ने टीमवर्क, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर छिपे नेतृत्व गुणों को बाहर लाते हैं और उन्हें जिम्मेदार इंसान बनने की राह दिखाते हैं।
सिल्वर बेल्स स्कूल प्रधानाचार्या Anupama Agrawal और उपप्रधानाचार्य Rajdeep Pal ने चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला है, जहाँ से निकलने वाले विद्यार्थी समाज में नई पहचान बनाते हैं।
सिल्वर बेल्स स्कूल कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। पूरे समारोह ने यह साबित कर दिया कि सिल्वर बेल्स स्कूल केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार, अनुशासित और आत्मविश्वासी नागरिक तैयार करने का मिशन भी निभा रहा है।
“बैज नहीं… जिम्मेदारी की पहचान बना सिल्वर बेल्स का यह समारोह“चकिया में नन्हे लीडर्स का जलवा, मॉनिटर्स सेरेमनी बनी आकर्षण का केंद्र”
“अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास का संगम बना सिल्वर बेल्स स्कूल”


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