Khabari News Ground Report |
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चकिया, चंदौली।
बुधवार की शाम चकिया तहसील क्षेत्र में आए भीषण बवंडर और तूफानी बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा इलाका दहल उठा। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी भयावह थी कि विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों और मकानों पर गिर पड़े। देखते ही देखते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। इस दर्दनाक प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। पूरे क्षेत्र में दहशत और मातम का माहौल बना हुआ है।
करवदिया गांव में दर्दनाक हादसा, घर में सो रही महिला की मौत
चकिया थाना क्षेत्र के करवदिया गांव में 60 वर्षीय प्रभावती अपने घर के कमरे में सो रही थीं। तभी तेज बवंडर के दौरान घर के पास खड़ा विशाल पेड़ अचानक मकान पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने से छत की भारी पटिया टूटकर सीधे प्रभावती के ऊपर आ गिरी। परिवार के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की महिलाओं की चीखें सुनकर हर आंख नम हो उठी।
पेड़ गिरने से गई दूसरी जान
वहीं दूसरी दर्दनाक घटना में गुलाब शिकारगंज की मौत पेड़ की चपेट में आने से हो गई। तेज आंधी के दौरान अचानक विशाल पेड़ गिर पड़ा और वह उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
एक ही शाम में दो मौतों ने पूरे चकिया क्षेत्र को हिलाकर रख दिया।
सड़कों पर बिखरे पेड़, घंटों बाधित रहा यातायात
बवंडर की रफ्तार इतनी तेज थी कि चकिया-अहरौरा मार्ग, चकिया-मुगलसराय मार्ग समेत कई संपर्क मार्गों पर विशाल पेड़ और डालियां गिर गईं। सड़कें पूरी तरह जाम हो गईं और वाहनों की लंबी कतार लग गई। एम्बूलेंंश को भी रास्ता नही बन सका।

कई जगह बिजली के पोल और तार भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे देर रात तक कई गांव और कस्बे अंधेरे में डूबे रहे। लोग भय और अनिश्चितता के बीच रात बिताने को मजबूर हुए।
आम की फसल पर टूटा कहर, किसानों के चेहरे पर मायूसी
इस बवंडर ने किसानों की मेहनत पर भी बड़ा वार किया है। चकिया क्षेत्र के बागानों में तेज हवाओं के कारण भारी मात्रा में आम जमीन पर गिर गए। कई पेड़ टूट गए और तैयार फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई।

किसानों का कहना है कि इस बार पहले ही मौसम की मार झेल रहे थे, ऊपर से आए इस बवंडर ने पूरी उम्मीद तोड़ दी। कई बाग मालिकों ने लाखों के नुकसान की आशंका जताई है।
एक किसान ने दर्द भरे स्वर में कहा—
“पूरा साल मेहनत करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुछ मिनट के तूफान ने सब खत्म कर दिया।”
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चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में घायलों की भीड़
आंधी और पेड़ गिरने की घटनाओं में घायल लोगों को चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां देर रात तक इलाज चलता रहा। अस्पताल में घायलों और उनके परिजनों की भीड़ लगी रही।
डरऔर दहशत की रात
चकिया में आई यह तबाही सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं थी, बल्कि कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई।
कहीं मातम पसरा है…
कहीं किसान अपनी उजड़ी फसल देखकर रो रहे हैं…
तो कहीं लोग अब भी अगले तूफान के डर से सहमे हुए हैं।
अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर नुकसान का आकलन कब होगा और पीड़ित परिवारों को राहत कब मिलेगी।





















