खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली। जनपद चंदौली में करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे सरकारी निर्माण कार्यों की हकीकत उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने शनिवार को अचानक चकिया स्थित काशी राज माध्यमिक विद्यालय परिसर तथा नौगढ़ में निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो दृश्य सामने आए, उन्होंने कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए।
चकिया के काशी राज माध्यमिक विद्यालय परिसर में पहुंचते ही जिलाधिकारी की नजर सबसे पहले उस व्यवस्था पर गई जो किसी भी बड़े निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य मानी जाती है। मौके पर टेस्ट लैब का अभाव देखकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना गुणवत्ता परीक्षण के किसी भी निर्माण कार्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूत्रों की मानें तो निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के तेवर इतने सख्त थे कि मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से टेस्ट लैब स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दो दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट, बढ़ी हलचल
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि अब तक कराई गई सभी गुणवत्ता जांचों की रिपोर्ट दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए। यह निर्देश अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। यदि गुणवत्ता जांच नियमित रूप से हो रही थी तो फिर मौके पर टेस्ट लैब क्यों नहीं थी? आखिर अब तक किस आधार पर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा था?
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि निर्माण में प्रयुक्त होने वाले रॉ मटेरियल की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी अनियमितता पाई गई तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
“मैन पावर बढ़ाइए, काम में तेजी लाइए”
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि मैन पावर बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जाए ताकि परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

नौगढ़ आईटीआई कॉलेज में भी पहुंचे डीएम-एसपी
इसके बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का काफिला नौगढ़ स्थित आईटीआई कॉलेज निर्माण स्थल पहुंचा। यहां निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि कुछ छोटे-छोटे कार्य अभी शेष हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बचे हुए कार्यों को तत्काल पूरा कर हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि क्षेत्र के युवाओं को जल्द से जल्द तकनीकी शिक्षा का लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधूरी व्यवस्थाओं के कारण परियोजना को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा।

जनता की निगाहें अब रिपोर्ट पर
चकिया में टेस्ट लैब न मिलने और दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब लोगों की निगाहें उस रिपोर्ट पर टिक गई हैं जो निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति को सामने ला सकती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण न होता तो क्या ये खामियां सामने आ पातीं?
फिलहाल प्रशासन की सख्ती ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सरकारी धन से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा।
खबरी न्यूज ब्यूरो, चकिया
विशेष टिप्पणी :
जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रशासन की यह सख्ती स्वागत योग्य है। जनता के धन से बनने वाली परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना ही सुशासन की पहचान है।
— के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)
प्रधान संपादक, खबरी न्यूज





















