डीडीयू नगर, चंदौली। डीडीयू जंक्शन पर इन दिनों चल रहा स्वच्छता अभियान बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण चुनौती में बदलता नजर आ रहा है। रेलवे प्रशासन की ओर से स्टेशन परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए लगातार सफाई कराई जा रही है, लेकिन प्लेटफॉर्म और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद 500 से अधिक बंदरों का झुंड सफाई व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। बंदर कूड़ेदानों को पलटकर उनमें जमा कचरे को प्लेटफॉर्म पर फैला देते हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की मेहनत कुछ ही देर में बेअसर दिखाई देने लगती है।
रेलवे की ओर से 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया, यार्ड और कार्यालयों में विशेष सफाई के साथ यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से सफाई व्यवस्था की निगरानी भी की जा रही है। इसके बावजूद बंदरों की समस्या अभियान के सामने बड़ी चुनौती बन गई है।

कूड़ेदान पलटकर प्लेटफॉर्म पर फैला देते हैं कचरा
डीडीयू जंक्शन परिसर में बंदरों के झुंड अक्सर प्लेटफॉर्म और अन्य हिस्सों में घूमते दिखाई देते हैं। खाने की तलाश में बंदर कूड़ेदानों को पलट देते हैं। इसके बाद उसमें मौजूद प्लास्टिक, खाने के पैकेट और अन्य कचरा प्लेटफॉर्म पर फैल जाता है।
सफाई कर्मचारी एक तरफ कचरा हटाकर प्लेटफॉर्म को साफ करते हैं, तो दूसरी तरफ बंदरों के दोबारा कूड़ेदान पलटने से कुछ समय बाद ही स्थिति बिगड़ जाती है। इससे न केवल रेलवे की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों को भी गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों के सामान पर भी बंदरों की नजर
डीडीयू जंक्शन पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख और व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। स्टेशन पर 30 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही और ढाई सौ से अधिक ट्रेनों के संचालन के बीच बंदरों की मौजूदगी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
कई बार बंदर यात्रियों के हाथ से खाने-पीने की वस्तुएं छीनकर भाग जाते हैं। इससे अचानक भगदड़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्लेटफॉर्म पर छोटे बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों के लिए बंदरों से दूरी बनाए रखना विशेष रूप से जरूरी हो जाता है।

दिन में तीन बार सफाई का दावा
स्टेशन और रेलवे कॉलोनियों में सफाई की जिम्मेदारी गृह प्रबंधन एवं रखरखाव विभाग के पास है। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए सात सफाई निरीक्षक तैनात हैं। निजी कंपनी के कर्मचारियों की ओर से स्टेशन परिसर में दिन में तीन बार सफाई किए जाने का दावा किया जा रहा है।
रेलवे कर्मचारियों के अनुसार स्वच्छता अभियान के दौरान सफाई के साथ यात्रियों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। हालांकि बंदरों की लगातार गतिविधियों के कारण सफाई व्यवस्था को बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।

बंदरों को भगाने की कवायद शुरू
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था मजबूत करने के साथ बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान भी किया जाए। उनका कहना है कि केवल कचरा उठाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि बंदरों के झुंड को स्टेशन परिसर से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
जनसंपर्क अधिकारी व डीसीएम विश्वनाथ ने बताया कि डीडीयू जंक्शन सहित पूरे मंडल में स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। साफ-सफाई के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने माना कि बंदर परेशानी का कारण बन रहे हैं और उन्हें भगाने के लिए आवश्यक कवायद की जा रही है।




















