मोमेंटम निवेश क्या है, कैसे चुने जाते हैं शेयर और किन निवेशकों के लिए हो सकता है फायदेमंद?
खबरी न्यूज | बिजनेस डेस्क
भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक नया विकल्प सामने आया है। NJ Mutual Fund ने अपना NJ Momentum Fund लॉन्च किया है, जिसका New Fund Offer (NFO) 10 जुलाई 2026 से 24 जुलाई 2026 तक निवेश के लिए खुला है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी म्यूचुअल फंड है, जो Momentum Investing Strategy पर आधारित है। इसका उद्देश्य ऐसे शेयरों में निवेश करना है, जिनमें हाल के समय में मजबूत प्रदर्शन और सकारात्मक ट्रेंड देखने को मिल रहा हो।

मोमेंटम फंड क्या होता है?
शेयर बाजार में एक प्रसिद्ध कहावत है—
“Trend is your friend, until it bends.”
अर्थात जब तक किसी शेयर का रुझान मजबूत है, तब तक उसके उसी दिशा में आगे बढ़ने की संभावना बनी रह सकती है।
मोमेंटम निवेश इसी सिद्धांत पर आधारित होता है। इसमें ऐसे शेयरों का चयन किया जाता है जो अपने सेक्टर और व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हों। हालांकि, यह केवल तेजी से बढ़ रहे शेयर खरीदने की रणनीति नहीं है, बल्कि डेटा, नियमों और तय मानकों के आधार पर व्यवस्थित निवेश प्रक्रिया अपनाई जाती है।
NJ Momentum Fund की खास रणनीति
इस फंड की विशेषता यह है कि यह सिर्फ मोमेंटम नहीं, बल्कि Quality + Momentum दोनों पर ध्यान देता है।

इसकी निवेश प्रक्रिया तीन चरणों में होती है—
1. व्यापक स्टॉक यूनिवर्स
- बड़ी संख्या में सूचीबद्ध कंपनियों का विश्लेषण।
2. क्वालिटी फिल्टर

- मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर गुणवत्ता वाली कंपनियों का चयन।
3. हाई मोमेंटम स्टॉक्स
- क्वालिटी जांच के बाद उन शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करना जिनमें मजबूत सकारात्मक मोमेंटम हो।
इस रणनीति का मूल सिद्धांत है—
“Quality sets the standard, Momentum identifies the opportunity, and Rules guide every decision.”
नियम आधारित निवेश क्यों महत्वपूर्ण?
शेयर बाजार में निवेशक अक्सर डर, लालच और अफवाहों से प्रभावित होकर फैसले लेते हैं। मोमेंटम फंड में निवेश के निर्णय पहले से तय नियमों और डेटा मॉडल के आधार पर लिए जाते हैं।
यदि किसी शेयर का मोमेंटम कमजोर पड़ता है या कोई दूसरा शेयर बेहतर मानकों पर खरा उतरता है, तो पोर्टफोलियो में बदलाव किया जाता है। इससे निवेश प्रक्रिया अधिक अनुशासित और व्यवस्थित रहती है।
संभावित फायदे
मोमेंटम रणनीति के प्रमुख लाभ हो सकते हैं—
- मजबूत बाजार रुझान का लाभ उठाने का प्रयास।
- भावनाओं के बजाय डेटा आधारित निवेश।
- समय-समय पर कमजोर शेयरों को बदलने की सुविधा।
- क्वालिटी फिल्टर के कारण बेहतर स्टॉक चयन।
- प्रोफेशनल फंड मैनेजमेंट का लाभ।
जोखिम भी समझना जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार कोई भी निवेश रणनीति जोखिम से मुक्त नहीं होती।
मोमेंटम फंड में सबसे बड़ा जोखिम यह है कि यदि बाजार का ट्रेंड अचानक बदल जाए तो तेजी वाले शेयरों में भी तेज गिरावट आ सकती है। अधिक पोर्टफोलियो बदलाव के कारण लेन-देन की लागत भी बढ़ सकती है।
इसलिए केवल पिछले प्रदर्शन के आधार पर भविष्य के रिटर्न की उम्मीद करना उचित नहीं माना जाता।
किन निवेशकों के लिए उपयुक्त?
यह फंड ऐसे निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जा सकता है—
- जिनका निवेश लक्ष्य लंबी अवधि का हो।
- जो शेयर बाजार की अस्थिरता सहन कर सकते हों।
- जो Factor Investing अपनाना चाहते हों।
- जो नियम आधारित निवेश में विश्वास रखते हों।
- जो अल्पकालिक गिरावट से घबराकर निवेश नहीं निकालते।
कम अवधि में निश्चित लाभ चाहने वाले निवेशकों को ऐसे फंड में निवेश से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
NFO का मतलब सस्ता निवेश नहीं
अक्सर निवेशक यह मान लेते हैं कि ₹10 NAV वाला NFO सस्ता होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा सही नहीं है। किसी म्यूचुअल फंड का भविष्य का प्रदर्शन उसकी शुरुआती NAV पर नहीं, बल्कि उसके पोर्टफोलियो और निवेश रणनीति पर निर्भर करता है।
इसलिए केवल ₹10 की यूनिट देखकर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता।
निवेश से पहले इन बातों की करें जांच
निवेश से पहले निम्न बिंदुओं का अध्ययन अवश्य करें—
- स्कीम का निवेश उद्देश्य।
- पोर्टफोलियो चयन प्रक्रिया।
- रिस्कोमीटर।
- बेंचमार्क।
- डायरेक्ट एवं रेगुलर प्लान का अंतर।
- ग्रोथ और IDCW विकल्प।
- एग्जिट लोड।
- पोर्टफोलियो ओवरलैप।
- अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि।
विशेषज्ञ की राय
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी, LTP Calculator के आविष्कारक एवं शेयर बाजार एवं आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ के अनुसार—
“मोमेंटम कोई जादुई फार्मूला नहीं है, बल्कि बाजार की दिशा को नियम आधारित तरीके से समझने और उसका लाभ लेने का प्रयास है। इसकी सफलता शेयर चयन, क्वालिटी फिल्टर और अनुशासित पोर्टफोलियो प्रबंधन पर निर्भर करती है।”
उनका कहना है कि निवेशकों को केवल प्रचार सामग्री देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए, बल्कि अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही निवेश करना चाहिए।
(Disclaimer)
यह लेख केवल निवेशक शिक्षा एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। इसे किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह या रिटर्न की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। निवेश से पहले संबंधित Scheme Information Document (SID) तथा अन्य आधिकारिक दस्तावेजों का अध्ययन करें और आवश्यकता होने पर SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
























