Chandauli Cyber Crime: साइ-वज्र अभियान में चंदौली पुलिस का बड़ा एक्शन, 12 साइबर अपराधी गिरफ्तार, देशभर की 51 शिकायतों से जुड़ा नेटवर्क
डीडीयू नगर, चंदौली। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष “साइ-वज्र” अभियान के तहत चंदौली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। जनपद की साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना की संयुक्त टीम ने नौ थानों की पुलिस के सहयोग से कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर 14 आरोपियों के खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज किए, जबकि 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क केवल चंदौली तक सीमित नहीं था, बल्कि देशभर में दर्ज 51 साइबर शिकायतों से जुड़ा हुआ है। इन मामलों में करीब 1.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई थी, जिसमें से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 1.40 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड (लीन) करवा दी है।

देशभर में फैला था साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग राज्यों के लोगों को ऑनलाइन झांसे में लेकर ठगी करते थे। तकनीकी जांच के दौरान कई म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों, चेक निकासी और एटीएम ट्रांजैक्शन की कड़ियां इन आरोपियों तक पहुंचीं।
साइबर सेल के अनुसार गिरोह के सदस्य बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए करते थे और ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर उसका स्रोत छिपाने का प्रयास करते थे।
इन तरीकों से लोगों को बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए गए कई तरीके सामने आए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं का झांसा देना।
- टास्क पूरा कर पैसे कमाने का लालच देकर ठगी करना।
- व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को फर्जी ऑफर भेजना।
- म्यूल खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराना।
- चेक और एटीएम के जरिए अवैध निकासी करना।
- एनसीएमईसी (NCMEC) टिपलाइन से जुड़े मामलों में अश्लील सामग्री का संग्रहण और अपलोड करना।
पुलिस ने बताया कि एक मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।

साइबर सेल ने जारी की महत्वपूर्ण सलाह
चंदौली साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, इंटरनेट बैंकिंग या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। फर्जी नौकरी, ऑनलाइन ट्रेडिंग, गेमिंग या निवेश के नाम पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर से सतर्क रहें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे 24 घंटे के भीतर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को होल्ड कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साइ-वज्र अभियान में कई टीमों ने निभाई अहम भूमिका
इस विशेष अभियान का नेतृत्व साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग ने किया। अभियान में साइबर सेल, साइबर क्राइम थाना और जनपद के विभिन्न थानों की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर इस संगठित साइबर गिरोह पर शिकंजा कसा।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ आगे भी इसी तरह विशेष अभियान जारी रहेगा और ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















