Khabari News, चंदौली। जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित नौबतपुर चेक गेट को अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ मजबूत निगरानी केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने नौबतपुर स्थित खनिज विभाग के चेक गेट का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बिहार से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने वाले मोरम और अन्य उपखनिजों से लदे वाहनों की जांच प्रक्रिया को करीब से देखा। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से वाहनों के आवागमन, आईएसटीपी प्रणाली तथा जांच प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सीमा क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों की निगरानी प्रभावी ढंग से हो रही है या नहीं।

जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए सीमा क्षेत्र की निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार तथा खनन अधिकारी को निर्देश दिया कि चेक गेट की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवर्तन कार्य को चौबीसों घंटे प्रभावी बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी समय अवैध परिवहन करने वाले वाहन कार्रवाई से बच न सकें।
डीएम ने यह भी कहा कि बिहार प्रशासन और सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अवैध खनिज परिवहन के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना नियमानुसार कार्रवाई करें। यदि कार्य के दौरान कोई समस्या आती है तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाए।
वहीं पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने निरीक्षण के दौरान कानून व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि चेक पोस्ट पर आवश्यकतानुसार पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
एसपी ने विशेष रूप से उन वाहन संचालकों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया जो अपनी पहचान छुपाने के लिए नंबर प्लेट ढंक देते हैं या बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालित करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों को चिन्हित कर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार नंबर प्लेट छुपाकर वाहन चलाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि कई बार अवैध परिवहन और अपराधों को बढ़ावा देने का माध्यम भी बनता है।

प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। नौबतपुर बॉर्डर से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं, ऐसे में यहां की निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि चेक पोस्ट पर लगातार निगरानी और कड़ी कार्रवाई जारी रही तो न केवल राजस्व की हानि रुकेगी बल्कि सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले ओवरलोड वाहनों पर भी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। प्रशासन की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग तथा नंबर प्लेट छुपाकर वाहन संचालन करने वालों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।



















