खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क सैयदराजा, चंदौली | स्पेशल रिपोर्ट
जनपद चंदौली के सैयदराजा थाना क्षेत्र से गुरुवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कल्याणपुर ग्राम सभा के मिश्रापुरा गांव निवासी महेंद्र राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सैयदराजा थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। मामला इतना गरमा गया कि थाने के बाहर घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

“इंजेक्शन लगा और बिगड़ गई हालत” – परिजनों का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि महेंद्र राम को गांव के ही दो लोगों ने संदिग्ध इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक, हालात बिगड़ते देख आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे शक और गहरा गया।
इलाज के बाद घर, फिर अचानक मौत
घटना के बाद आनन-फानन में महेंद्र को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के बाद जब उन्हें घर भेजा गया, तो परिजन राहत की सांस ले ही रहे थे कि रात करीब 2 बजे अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। लगभग 100 से अधिक ग्रामीणों ने शव को सीधे सैयदराजा थाने के बाहर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन
सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद हालात काबू में आए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में “इंजेक्शन”
इस पूरे घटनाक्रम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—

- आखिर वह इंजेक्शन किसने और क्यों लगाया?
- क्या वह कोई झोलाछाप डॉक्टर था या निजी विवाद का मामला?
- इलाज के बाद भी अचानक मौत की असली वजह क्या है?
इन सवालों के जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिके हैं।
इलाके में शांति, लेकिन गुस्सा बरकरार
फिलहाल पुलिस के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गांव में आक्रोश अब भी साफ देखा जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
खबरी न्यूज की अपील:
ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था और गैर-प्रमाणित इलाज पर गंभीर सवाल खड़ी करती हैं। जरूरत है कि लोग बिना जांच-पड़ताल किसी भी व्यक्ति से इलाज न कराएं और प्रशासन भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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