जंगल की रात में गूंजा वन विभाग का सायरन… तेंदूपत्ता तस्करों पर बड़ा प्रहार! 🚨🌲
फरार हुए तस्कर, चंद्रप्रभा के जंगलों में चला ‘ऑपरेशन मिडनाइट’
चकिया‚चंदौली | Khabari News National Network

मंगलवार की आधी रात…
चारों तरफ घना अंधेरा…
जंगल में पसरा सन्नाटा…
और तभी अचानक गूंज उठी वन विभाग की गाड़ियों की आवाजें…!
चंद्रप्रभा के जंगलों में शुरू हुआ ऐसा हाई वोल्टेज ऑपरेशन, जिसने तेंदूपत्ता तस्करों के पूरे नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया। 🌿🔥
सूत्रों के मुताबिक रात करीब 11:45 बजे चंद्रप्रभा वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम शिकारगंज रेंज के सदापुर बीट क्षेत्र में गश्त कर रही थी। तभी ग्राम ताजपुर स्थित बलिया माइनर के पास संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं।
जैसे ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची…
तस्करों में भगदड़ मच गई…!
अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन वन विभाग ने उनकी पूरी चाल ध्वस्त कर दी।

🚔 मौके से बरामद हुआ —
✅ दो मोटरसाइकिल
✅ दो झाल
✅ चार छोटी बोरियां
✅ लगभग 2200 गड्डी तेंदूपत्ता
बरामद तेंदूपत्ते की मात्रा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। माना जा रहा है कि यह खेप बड़े स्तर पर अवैध कारोबार के लिए जंगल से बाहर भेजी जा रही थी।

चंद्रप्रभा के जंगलों में लंबे समय से सक्रिय है तस्करों का नेटवर्क?
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि चंद्रप्रभा क्षेत्र में लंबे समय से तेंदूपत्ता तस्करी का खेल चल रहा था। रात के अंधेरे में जंगलों की हरियाली और वन संपदा को लूटने वाले गिरोह लगातार सक्रिय रहते हैं। लेकिन इस बार वन विभाग ने ऐसा शिकंजा कसा कि तस्करों को अपनी बाइक तक छोड़कर जान बचाकर भागना पड़ा।
“वन संपदा किसी की निजी जागीर नहीं” — अखिलेश दुबे
वन क्षेत्राधिकारी ने साफ शब्दों में कहा —
“वन संपदा लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध तेंदूपत्ता कारोबार, लकड़ी तस्करी और वन अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।”
उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
गांवों में चर्चा — “अब एक्शन मोड में वन विभाग”
इस कार्रवाई के बाद जंगल किनारे बसे गांवों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार सख्त कार्रवाई होती रही तो जंगलों को नुकसान पहुंचाने वाले गिरोहों की कमर टूट जाएगी।
चंद्रप्रभा की इस रात ने एक बार फिर साबित कर दिया —
जंगल खामोश जरूर होते हैं…
लेकिन जब कानून जागता है, तो तस्करों की सांसें थम जाती हैं।






















