विधानसभा में चार बार आवाज उठी, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री तक पहुंचा मामला; कैलाश आचार्य की पैरवी के बाद 9.60 करोड़ के विज्ञान भवन को मिली मंजूरी
खबरी न्यूज चकिया, चंदौली।
कभी चुनावी मंचों पर उठने वाला सवाल… कभी विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग… कभी विधानसभा के पटल पर गूंजती आवाज… और कभी शासन के गलियारों में लगातार की जाती पैरवी। करीब ढाई दशक तक चकिया के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान वर्ग की पढ़ाई एक इंतजार बनी रही। अब यही इंतजार इतिहास बनने की ओर है।
सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया में 9.60 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक विज्ञान भवन के निर्माण का शिलान्यास सोमवार को नोएडा विधायक एवं भाजपा उत्तर प्रदेश के पूर्व महामंत्री पंकज सिंह ने किया। इस मौके पर चकिया विधायक कैलाश आचार्य, महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. संगीता सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह सिर्फ भवन का शिलान्यास नहीं, बल्कि उन हजारों विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है, जिन्हें विज्ञान वर्ग की पढ़ाई के लिए चकिया से बाहर जाना पड़ता था। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं के सामने विकल्प सीमित रहते थे।
25 साल से हर बार उठती रही मांग
चकिया क्षेत्र में विज्ञान वर्ग की पढ़ाई शुरू कराने की मांग कोई नई नहीं थी। करीब 25 वर्षों से यह मुद्दा अलग-अलग मंचों पर उठता रहा। चुनाव आते तो यह मांग फिर जोर पकड़ती, सभाओं में वादे होते और विद्यार्थियों को उम्मीद बंधती, लेकिन समय बीतता रहा।
इसी बीच वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे शिक्षक कैलाश आचार्य ने इस समस्या को करीब से समझा। विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच उन्होंने महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग शुरू कराने का भरोसा दिया।
विधायक बनने के बाद मामला केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा।

विधानसभा में चार बार उठी आवाज
कैलाश आचार्य ने इस मांग को विधानसभा में लगातार उठाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब चार वर्षों में चार बार उन्होंने चकिया पीजी कॉलेज में विज्ञान वर्ग शुरू कराने का मुद्दा सदन में उठाया। बजट सत्र के दौरान भी मामला रखा गया और प्रश्नकाल में सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया।
विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात के दौरान भी इस मांग को प्रमुखता से रखा।

यही लगातार पैरवी धीरे-धीरे उस मुकाम तक पहुंची, जहां चकिया के महाविद्यालय में विज्ञान शिक्षा की आधारशिला रखी जा सकी।
पंकज सिंह बोले—वर्षों की तपस्या का मिला परिणाम
शिलान्यास के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पंकज सिंह ने कहा कि आज वर्षों की तपस्या का परिणाम सामने आया है। उन्होंने चकिया विधायक कैलाश आचार्य के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में विज्ञान भवन की जरूरत को लेकर उनका प्रयास उल्लेखनीय रहा।
पंकज सिंह ने शिक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बात भी कही। उन्होंने कहा कि आज बच्चों को केवल कैरियर ओरिएंटेड शिक्षा देने की जरूरत नहीं है, बल्कि शिक्षा कैरेक्टर ओरिएंटेड भी होनी चाहिए।
अर्थात शिक्षा सिर्फ नौकरी और करियर का माध्यम न बने, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सोच को भी मजबूत करे।
उन्होंने महाविद्यालय में होम साइंस की पढ़ाई शुरू कराने के लिए भी जल्द प्रयास करने की बात कही। इससे संकेत साफ है कि विज्ञान वर्ग के बाद महाविद्यालय में शैक्षणिक विस्तार की अगली कड़ी के रूप में होम साइंस को भी आगे बढ़ाने की कोशिश होगी।
कैलाश आचार्य बोले—अब होम साइंस के लिए भी पूरी ताकत से प्रयास
कार्यक्रम में विधायक कैलाश आचार्य ने विज्ञान वर्ग की पढ़ाई शुरू कराने में पंकज सिंह के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि विज्ञान भवन के लिए बजट उपलब्ध हो चुका है और अब अगला लक्ष्य होम साइंस की पढ़ाई शुरू कराना होगा। इसके लिए पूरी मजबूती से प्रयास किया जाएगा।
कैलाश आचार्य के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिस मुद्दे को उन्होंने चुनाव के दौरान जनता के बीच रखा था, अब वही मुद्दा निर्माण और शैक्षणिक व्यवस्था के स्तर तक पहुंच चुका है।
पांच विषयों की कक्षाएं, चार विषयों की प्रयोगशालाएं
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. संगीता सिन्हा ने बताया कि प्रस्तावित विज्ञान भवन में पांच विषयों की कक्षाओं की व्यवस्था होगी।
इनमें—
भौतिक विज्ञान
रसायन विज्ञान
गणित
वनस्पति विज्ञान
प्राणी विज्ञान
शामिल हैं।
इसके साथ ही भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान की प्रयोगशालाओं का निर्माण भी प्रस्तावित है। पूरी फैकल्टी के निर्माण का भी प्रस्ताव है।
इसका अर्थ यह है कि चकिया के विद्यार्थियों को केवल कक्षाएं ही नहीं, बल्कि विज्ञान की पढ़ाई के लिए जरूरी प्रयोगशाला और शिक्षकीय ढांचा भी उपलब्ध कराने की दिशा में योजना बनाई गई है।
‘अब बेटियों को मजबूरी में बीए नहीं पढ़ना पड़ेगा’
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्या प्रो. संगीता सिन्हा की बात इस पूरी परियोजना के सामाजिक प्रभाव को सामने रखती है।
उन्होंने कहा कि पहले महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग से पढ़ने वाली छात्राओं को आगे विज्ञान की पढ़ाई का विकल्प नहीं मिलने के कारण मजबूरी में बीए में प्रवेश लेना पड़ता था।
अब परिस्थितियां बदलेंगी।
विज्ञान की पढ़ाई के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर मिलने से चकिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों की छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। परिवारों पर बाहर भेजने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है।
पहली किस्त जारी, अब निर्माण की बारी
विज्ञान भवन की कुल प्रस्तावित लागत 9.60 करोड़ रुपये है। परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में एक करोड़ रुपये जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब सबसे बड़ी चुनौती इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की होगी। क्योंकि वर्षों के इंतजार के बाद मिली इस मंजूरी के साथ क्षेत्र की जनता की निगाहें अब निर्माण की गति और गुणवत्ता पर भी रहेंगी।
चकिया के लिए सिर्फ भवन नहीं, भविष्य की नींव
चकिया में विज्ञान भवन का शिलान्यास एक सामान्य सरकारी निर्माण कार्य के तौर पर देखना इस पूरी कहानी को छोटा कर देना होगा।
यह उन विद्यार्थियों की कहानी है जिन्हें वर्षों तक अपने ही क्षेत्र में विज्ञान की पढ़ाई का इंतजार करना पड़ा।
यह उन अभिभावकों की कहानी है जिन्हें बच्चों को आगे पढ़ाने के लिए दूसरे शहरों की ओर देखना पड़ा।
यह उन छात्राओं की कहानी है जिनके सामने विषय बदलने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
और यह उस मांग की कहानी है जो करीब ढाई दशक तक जिंदा रही और आखिरकार शासन की स्वीकृति तक पहुंची।
अब चकिया के सामने अगला सवाल है—विज्ञान भवन कितनी तेजी से तैयार होगा, बीएससी की कक्षाएं कब शुरू होंगी और प्रस्तावित फैकल्टी की नियुक्तियां कब पूरी होंगी?
क्योंकि शिलान्यास के साथ सपना शुरू हो चुका है, लेकिन सपने को पूरी तरह हकीकत में बदलने की असली परीक्षा अब शुरू होगी।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, राणा सिंह‚ विधायक रमेश जायसवाल, पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, पूर्व जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, चकिया चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत भाषण भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह ने दिया, जबकि संचालन जिला महामंत्री सुजीत जायसवाल ने किया।
KHABARI NEWS की नजर में सबसे बड़ा सवाल
ढाई दशक का इंतजार खत्म हुआ है—अब क्या चकिया में विज्ञान शिक्षा का यह नया अध्याय वास्तव में क्षेत्र को उच्च शिक्षा का मजबूत केंद्र बना पाएगा?
सवाल सिर्फ खबर का नहीं… सच का है।




















