खबरी न्यूज एक्सक्लूसिव- “पहाड़ का सीना चीरने वालों पर टूटा कानून का कहर!
रेंजर अखिलेश दुबे और इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह की संयुक्त रणनीति से अवैध खनन पर लगातार पड़ रही चोट, चंद्रप्रभा क्षेत्र में दिख रहा बड़ा बदलाव
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया, चंदौली।चंद्रप्रभा की हरी-भरी पहाड़ियों को खोखला करने में जुटे अवैध खनन माफियाओं पर एक बार फिर कानून का शिकंजा कस गया है। थाना चकिया क्षेत्र अंतर्गत छुछांढ़ पहाड़ी पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में प्रयुक्त एक क्रेन, एक ट्रक तथा एक ट्रैक्टर विथ कंप्रेसर को बरामद कर सीज कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

सूत्रों के अनुसार छुछांढ़ पहाड़ी क्षेत्र में काफी दिनों से अवैध खनन की गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। पहाड़ों को काटकर प्राकृतिक संपदा का दोहन किया जा रहा था। वन विभाग और पुलिस को जैसे ही इसकी पुख्ता सूचना मिली, संयुक्त टीम ने रणनीति बनाकर छापेमारी की और मौके से भारी मशीनरी को कब्जे में ले लिया।
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई, अब फिर चला बुलडोजर जैसा एक्शन
गौरतलब है कि यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। हाल ही में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अन्य अभियान में भी एक क्रेन, ट्रक और ट्रैक्टर को सीज कर अवैध खनन के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया था। उस समय भी कार्रवाई के दौरान खनन माफियाओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला था।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहा है कि प्रशासन अब अवैध खनन के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। पहाड़ों और जंगलों को बचाने के लिए अभियान पूरी गंभीरता के साथ चलाया जा रहा है।
जब टीम पहुंची तो मच गई भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम छुछांढ़ पहाड़ी क्षेत्र में पहुंची, अवैध खनन में लगे लोगों के बीच भगदड़ मच गई। कई लोग जंगल और पहाड़ियों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, लेकिन करोड़ों की मशीनें छोड़कर भागना पड़ा।

टीम ने मौके पर मौजूद एक क्रेन, एक ट्रक और एक ट्रैक्टर कंप्रेसर को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
रेंजर अखिलेश दुबे के आने के बाद दिख रहा बड़ा असर
स्थानीय ग्रामीणों और वन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि जब से चंद्रप्रभा रेंज की जिम्मेदारी रेंजर अखिलेश दुबे ने संभाली है, तब से वन अपराधों और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई का दायरा तेजी से बढ़ा है।

लगातार छापेमारी, निगरानी और सीज की कार्यवाहियों ने खनन माफियाओं की नींद उड़ा दी है। जो लोग पहले जंगल और पहाड़ों को अपनी जागीर समझते थे, वे अब कार्रवाई के डर से सहमे हुए दिखाई दे रहे हैं।
क्षेत्र में चर्चा है कि रेंजर अखिलेश दुबे की सक्रियता ने वन विभाग की कार्यशैली में नई ऊर्जा भर दी है और इसका असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है।
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अर्जुन सिंह का सहयोग बना बड़ी ताकत
इस पूरे अभियान में थाना चकिया के प्रभारी निरीक्षक . अर्जुन सिंह की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही। वन विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के चलते ही इतनी बड़ी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सका।
क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि रेंजर अखिलेश दुबे और इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह की सक्रिय जोड़ी ने अवैध खनन के खिलाफ मजबूत मोर्चा खोल दिया है। दोनों विभागों की संयुक्त कार्रवाई ने खनन माफियाओं के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है।
इन अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
इस संयुक्त अभियान में चंद्रप्रभा रेंजर अखिलेश दुबे, चौकी प्रभारी राजदरी-देवदरी वन दरोगा ऋषु चौबे, डिप्टी रेंजर चकिया आनंद दुबे, प्रभारी निरीक्षक चकिया अर्जुन सिंह, प्रभारी निरीक्षक साहबगंज कृपेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक इलिया चंदन राय, उपनिरीक्षक खुशबू यादव सहित पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही।
खनन माफियाओं को खुली चेतावनी
छुछांढ़ पहाड़ी पर हुई यह कार्रवाई केवल मशीनों की जब्ती नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए खुली चेतावनी है जो प्रकृति की संपदा को लूटकर अपने स्वार्थ पूरे करना चाहते हैं।
चंद्रप्रभा की पहाड़ियां केवल पत्थरों का ढेर नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र की जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें बचाने की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी है।
खबरी न्यूज विशेष
“पहले पहाड़ कट रहे थे, अब कानून गरज रहा है…”
चंद्रप्रभा की पहाड़ियों में इस समय एक नई तस्वीर दिखाई दे रही है। एक तरफ अवैध खनन का अंधेरा है तो दूसरी तरफ वन विभाग और पुलिस की सख्त कार्रवाई का उजाला।
लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अब जंगल और पहाड़ों को लूटने वालों के दिन आसान नहीं रहने वाले। यदि यही तेवर बरकरार रहा तो आने वाले दिनों में चंद्रप्रभा क्षेत्र अवैध खनन मुक्त क्षेत्र के रूप में नई पहचान बना सकता है।
“जंगल जाग चुका है… पहाड़ जाग चुका है… अब कानून भी जाग चुका है।”
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संपादकीय मार्गदर्शन : के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)
संपादक-इन-चीफ, खबरी न्यूज






















